Monday, 24 August 2026

पड़ोसन को चोदा सेक्स कहानी

 हेलो फ्रेंड्स, मैं काफी टाइम से इस साइट पर स्टोरी पढ़ रहा हूँ और मुझे चुदाई में बहुत मज़ा आता है, मेरी उम्र 25 साल है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ।


यह स्टोरी आज से 4 साल पहले की है जो मेरी लाइफ की सच्चाई है जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ। मेरे पड़ोस में एक अंकल रहते थे जो गवर्नमेंट जॉब करते थे, उनके साथ उनका बेटा और बहू रहते थे और बाकी का परिवार गाँव में रहता था। एक बार उनके यहाँ उनकी भांजी रहने के लिए आई और कुछ दिनों बाद यह बात हो गई कि वो अपनी पढ़ाई यहीं रहकर करेगी। मुझे जब इस बात का पता चला तो मैं बहुत खुश हो गया क्योंकि उस लड़की जिसका नाम नीलम था को देखते ही मैं पागल हो गया था, क्या सुंदर थी, उसके लाल लाल होठों, मोटे स्तन, मोटी सी गांड और सुडोल बदन, उसको देखते ही मेरे मन में उसको छोड़ने की इच्छा जग गई और यह बात सुनकर की वो यही रहकर पढ़ाई करेगी, मैं तो खुशी से पागल हो गया।


नीलम का एडमिशन एक गर्ल्स स्कूल में हो गया और उसकी उम्र 18 साल थी। नीलम को मैथ्स में प्रॉब्लम रहती थी। ताज हमारे अंकल यानी उसके मामा ने मुझसे कहा कि जब भी तुझे थोड़ा टाइम लगे तो इसको पढ़ा दिया करके इसको मैथ्स में प्रॉब्लम होती है और गांव और शहर की पढ़ाई में काफी फर्क होता है। मुझे फोरन राजी हो गया।


एक बार नीलम ने मुझे शाम के वक्त कहा कि क्या आप मुझे आज देर तक पढ़ सकते हैं क्योंकि कल मेरा मैथ्स का मंथली टेस्ट है और मुझे काफी प्रॉब्लम आ रही है, मैंने कहा ठीक है हम खाना खाने के बाद बैठ जाएंगे, वो भी राजी हो गई। उस दिन अंकल नाइट ड्यूटी पर गए थे और उनका बेटा और बहू 1 रिश्तेदार का यहाँ शादी अटेंड करने गए थे और रात को वही रुकने वाले थे। मैंने सोचा कि आज मोका अच्छा है अगर आज कुछ नहीं कर पाया तो फिर पता नहीं कब ऐसा मोका दोबारा आएगा, क्यों कि उस के घर में कोई नहीं था इसलिए उसका खाना भी हमारे घर पर ही बना था और वो और मैं खाना खा के उसके घर चले गए।


मैंने केवल बनियान और पायजामा पहना था और अंडरवियर नहीं पहना था और घर जाकर उसने भी कपड़े बदले थे या एक पारदर्शी गाउन पहन कर आ गई, उसे देखकर मुझे भी लगा कि वो भी चुदवाना चाहती है क्या कि उसने ऊपर की तरफ कुछ नहीं पहना था और गाउन में से उसे मोटे मोटे बूब्स साफ नजर आ रहे थे जिन्हें देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया। अब क्यों कि माने अंडरवियर तो पहनना नहीं था इसलिए मेरे लंड ने खड़े होकर पायजामा तो टेंट तो रूप दे दिया। नीलम मेरे पास बुक या कॉपी लेकर आई तो उसकी नजर मेरे खड़े लंड पर पड़ी और मैं उसके बूब्स देख रहा था। उसने तभी मुझे पूछा कि ये क्या है तो मैंने कहाँ खुद हाथ लगाकर देख लो तब उसने मेरे लंड को पजामे के ऊपर से ही पकड़ा और तभी मैंने उसकी चूची दबा दी, उसके मुँह से आह निकल गई और बोली ये आप क्या कर रहे हो मुझे पड़ना है, या प्लीज़ ऐसा मत करो मुझे कुछ हो रहा है तो मैंने कहा मेरी जान होने दो ना अभी तो पूरी रात बाकी है पहले हम कुछ कर लेते हैं फिर तुझे पढ़ा भी दूंगा, वो नहीं कोई आ जाएगा, किस

मुझे पता चल जाएगा, मुझे कहाँ कोई नहीं आएगा और हम दोनों जो कुछ भी करेंगे उसका पता किसी को नहीं चलेगा।


वो मान गई और बोली प्लीज आराम से करना मुझे बहुत डर लग रहा है, मुझे कहाँ डरो मत बड़ा मज़ा आएगा, ये कहकर मैंने उसका गाउन उतार दिया और अपनी अंडर शर्ट भी उतार दी और हम दोन एक दूसरे से छिप गए। फिर मैंने उसके होठों पर किस किया और उसके लाल लाल होठों को चूस लगा थोड़ी देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी और करीब 15 मिनट तक हम एक दूसरे के होठों को छू रहे रहे। फिर मैंने उसके बूब्स दबाये और उनको चूसने लगा, वो सिसकारिया लेने लगी और बोली हा हा बहुत मज़ा आ रहा है और चूसो प्लीज आज इनका सारा रस पी जाओ हा हा प्लीज चूसते रहो। उसके मुँह से ऐसी बात सुनकर मैं भी उभर गया और माने उसकी पेंटी भी निकाल दी जो पूरी तरह से भीग चुकी थी, फिर उसने मेरा पायजामा उतारा और मेरे 9 इंच लंबे या 4 इंच मोटे लंड को देखकर बाल रह गई और बोली इतना मोटा या लंबा यह तो मेरी जान ही ले लीगल, फिर मैंने उसे प्यार से समझाया और फिर वो मेरे लंड को हाथ में लेकर मसलने लगी या फिर मुँह में लेकर चूसने लगी। वो मेरे लंड को लोली पॉप की तरह चूस जा रही थी और मैं उत्तेजित हुआ जा रहा था, करीब 20 मिनट तक वो मेरे लंड को चूस रही थी फिर हम 69 पोजीशन में आ गए और मैं उसकी चूत पर भी फेर लगा, उसकी चूत पर भी बिल्कुल बाल नहीं थे ऐसा लग रहा था जैसे आज ही मुझसे चुदवाने के लाइफ साफ किए हो। थोड़ी देर बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रखा, वो बोली प्लीज आराम से करना मुझे बहुत डर लग रहा है, मैंने कहा मेरी जान डर मत थोड़ा दर्द होगा पर बाद में बहुत मजा आएगा, ये कहकर मैंने हल्का सा झटका दिया, उसके मुंह से एक चीख निकल गई मैंने तभी अपने होंठों उसके होठों पर रख दिए और थोड़ी देर बाद थोड़ा तेज झटका मारा इस बार मेरे आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत में था और उसके मुंह से बड़ी तेज चीख निकल गई और रोने लगी, मैंने देखा तो उसकी चूत से खून बह रहा था और वो रो रो कर कह रही थी प्लीज इसे बाहर निकाल लो, मुझे कुछ नहीं करना बहुत तेज़ दर्द हो रहा है, मैं मर जाऊँगी प्लीज़ इसे बाहर निकाल लो फिर मैंने उसको प्यार से समझाया कि जान थोड़ा दर्द और बर्दाश्त कर लो या फिर देखने का कितना मज़ा आएगा वो बोली मुझे नहीं लेना मज़ा आप इससे जल्दी से बाहर निकालो, थोड़ी देर तक में ऐसी ही उसके ऊपर ले रहा था या उसके होंठ चुसता रहा, जब उसका दर्द कम हुआ तब मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर खींच के एक ज़ोरदार झटका लगा दिया, अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था या उसकी चीख सातवें आसमान पर, मैंने तुरंत उसका मुँह दबाया और कहाँ प्लीज चिल्लाओ मत, कोई आ जाएगा बस जानू अब देखो मज़ा आएगा और थोड़ी देर तक ऐसी लेता रहा फिर धीरे-धीरे लंड तो अंदर बाहर करने लगा, अब उसका दर्द भी कम हो रहा था और उसे भी मज़ा आने लगा था फिर उसने भी चुदाई में मेरा साथ देना शुरू कर दिया और अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी थोड़ी देर बाद वो झड़ गई पर मेरी स्पीड और बढ़ गई फिर करीब 20 मिनट बाद जैसे झड़ने तो हुआ मैंने अपना लंड तुरंत बाहर निकाल कर उसके मुँह में दे दिया और झड़ गया, वो मेरे लंड का सारा पानी पी गई। फिर रात को मैंने 2 बार चोदा, एक बार तो डॉगी स्टाइल में भी चोदा, सुबह हम दोनों ने एक साथ नहाया और बाथरूम में भी मैंने एक बार चोद दिया। कुछ दिनों के बाद फिर एक बार ऐसा मोका आया और उस रात मैंने उसकी गांड भी मारी जिसके बारे में मैं आपको अपनी अगली कहानी में बताऊंगा।


ऐप लोगो तो मेरी यह सच्ची कहानी कैसी लगी प्लीज़ कमेंट्स ज़रूर भेजें और कोई भी दिल्ली की लड़की, भाभी फ्री सेक्स के लिए इंटरेस्टेड हो तो मुझे मेल ज़रूर करें

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