हाय रीडर्स, मैं अरुण। पहले भी अपनी मेरी 2 कहानी पढ़ी और पसंद की इसके लिए थैंक्स। आज मैं आप सबसे एक रिक्वेस्ट करना चाहूंगा। आप सब ये कहानी पढ़िए पोर्न साइट सर्फ कीजिए लेकिन इसके बाद आप इसको आपके जीवन में इसका गलत इस्तेमाल न करें। टीचिंग प्रोफेशन में अगर आप हों तो प्लीज़ आपके फीमेल स्टूडेंट्स के साथ तो कभी सेक्स की खबर न रखें हम उस देश में रहते हैं जहाँ गुरु को भगवान से भी बड़ा दर्जा दिया गया है। और अगर आप कुछ और काम करते हैं तो जो आपके साथ ऐसे रिलेशनशिप में इंटरेस्टेड न हो उसके साथ जबरदस्ती रेप या बार बार इस बात के लिए टॉर्चर कर के गलत न करे। सेक्स अच्छा एंटरटेनमेंट है पर जब ये प्यार से हो तो ही अच्छा है। अब मैं आपको नई कहानी बताने जा रहा हूँ। ये बात जब मैं कॉलेज में पढ़ता था तब की है। हमारी एग्जाम चल रही थी मैं और मेरा ग्रुप इस एग्जाम दे रहे थे। हमारे ग्रुप में 6 लड़कियां और 8 लड़के थे। पर उन 6 लड़कियों में भी 2 ग्रुप थे 1 ग्रुप में रेखा, ज्योति और निमिषा थे और दूसरा ग्रुप था जिगिशा, दिव्या और अर्चना। मैं जिस सोसाइटी में रहता था वो फ्लैट सिस्टम था 1 फ्लैट में 12 घर थे। ज्योति मेरे सामने वाले फ्लैट में रहती थी और जिगीषा मेरे फ्लैट में रहती थी। जिगीषा एक दम गोरी चींटी भरी हुई शरीर वाली लड़की थी मैंने जब उसे 9th क्लास में पढ़ता था तब देखा था और तभी से वो मुझे पसंद थी। मैंने कई बार उसे ये बताने की कोशिश करता रहा पर डर के मारे कि वो मुझसे बात करना बंद न कर दे इस लिए मैं उसे बोल नहीं पाया। ऐसे ही चल रहा था और हम आज s.ybcom की एग्जाम तका आ गए थे। उस दिन पहला पेपर खत्म करके हम घर आ गए थे तभी हमारी एक पड़ोसी ने कहाँ जिगु दीदी आपको बुला रही है। मैं अपना पेपर लेकर उसके घर पहुँचा मैंने देखा उसके घर में उस दिन उसके पापा मम्मी और जिगिशा थे। उसने कहा चलो मेरे कमरे में जेकर पेपर सोल करते हैं मैं कहाँ ठीक है और हम उसके कमरे में चले गए। जेकर मैं बिस्तर पर बैठा उसने भी अपना पेपर निकाला और मेरे सामने बैठ गई। उस दिन उसने टी-शर्ट और स्कर्ट पहना था। हम पेपर सोल करने लगे पेपर सोल करते करते मेरी नज़र उसकी टी-शर्ट के अंदर दिख रहे उसके बूब्स पर पड़ी मैंने नोटिस किया वो जंबुजर मुझे दिखा रही हो। उसने अंदर सफेद रंग की ब्रा पहनी थी, उसमें से उसके 36 साइज के बूब्स बाहर आ रहे थे मेरा लंड वही टाइट हो गया था। थोड़ी देर बाद उसके पापा आए और वो मेरे बाजू में चेयर लेकर बैठे। पर मैं उनसे नज़र बचाके कभी कभी जिगू के बूब्स देख लिया करता था। सायद उन्होंने ये नोटिस कर लिया हो ऐसे जिगू को ठीक से बैठने को इशारा किया। तब से जिगु ने अपनी टी-शर्ट ऊपर से पकड़कर बैठी जा से मुझे कुछ दिखायी ना दे। उस दिन मैं पेपर देकर चला आया। पर मेरे दिमाग में पहले से ही जिगु तो थी ही औरा बी जब मैंने ये नज़ारा देखा मेरा मान बेकाबू हो गया था। दूसरे दिन जब मैं पेपर देने अपनी बाइक पर जा रहा था तब मैंने बस स्टॉप पर देखा कि ज्योति, रेखा और निमिषा खड़े थे। मैंने पास जाकर कहाँ चलो अगर किसी को आना हो तो। तब ज्योति कुछ नहीं बोली पर निमिषा और रेखा ज्योति को मेरे साथ बाइक पर जाने के लिए फोर्स करने लगे मैंने सोचा ये दोनों इसे ही क्यों फोर्स कर रहे हैं। इस दौरान ज्योति मेरे पीछे बैठ गई और हम कॉलेज के लिए चलने लगे बाइक पर वो थोड़ी दूरी से बैठी थी पर कभी मैं ब्रेक लगाता या खड़ा आ जाता तो ज्योति की छाती यानी कि बूब्स मेरी पीठ से टकरा जाते थे और वो मेरा कंधा पकड़कर बैलेंस कर लेती हम कॉलेज पहुंचाएं। पेपर देने के बाद जब हम एक चाय की दुकान पर सब मिले मैंने रेखा और निमिषा को साइड पर ले जेकर पूछा कि तुम दोनों ने ज्योति को ही क्यों फोर्स किया मेरे साथ बाइक पर आने को तभी नितेश जो रेखा से प्यार करता था वो वहा आया और मुझसे कहा कि क्यों भाई मेरी गर्लफ्रेंड को साइड पर ले जेकर खड़ा है ऐसा मजाक किया नितेश मेरा खास दोस्त था इस लिए मैंने नितेश को कहा कि वो रेखा को कहे कि ये बात क्लियर करे तब वो बोला मुझे तो क्लियर पता है कि ज्योति तुम्हें पसंद करती है। मैंने ज्योति को कहा चलो घर चले तो वो बोली कि वो बस में जाएगी तभी निमिषा और रेखा उस पर बरस पड़े और कहा बाइक पर आई है तो बाइक पर ही जा। और वो मेरे साथ आने को तैयार हो गई हम लोग बाइक पर निकले और सीधा मैं बाइक लेकर शहर से बाहर एक रेस्टोरेंट में ले गया। वो बोली ये कहाँ ले आए तुम मुझे ? मैंने मुझे कहाँ से कुछ बात करनी है इस लिए। हम लोग आराम करो। मैंने एक कोने के टेबल पर बैठे कोल्ड कॉफी का ऑर्डर दिया और मैंने कहा ज्योति आई लाइक यू एंड आई लव यू क्या तुम मुझे अपना जीवनसाथी बनाओगी। तब उसने शर्मा केर हा कहा। मैंने हिंदी फिल्मों की तरह खड़े होकर टेबल चाकू से अंगूठा काटकर खून से उसकी माँग भर दी तब वो एकदम शॉक्ड हो गई और कहाँ ये क्या किया तुमने मैंने कहा आज से तुम पूरी तरह से मेरी हो। कॉफी बनाकर हम वहाँ से निकल पड़े घर के लिए अब वो बाइक पर मेरी वाइफ हो ऐसे बैठी चिपक केर। और मेरे कान में आई लव यू कहाँ। हम घर पहुँचो। मेरे घर में जाते ही मेरी मम्मी ने कहा जिगू तुम्हें पेपर सोल करने बुला रही है। मैं वहा गया देखा कल की तरह ही 3नो घर में ही थे। हम जिगू के कमरे में गए आज उसने डबल नाइटी पहनी थी अंदर जाते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया में बेड पर बैठा। उसने नाइटी का अपर का निकाल दिया, पेपर निकाला और मेरे सामने बैठ गई। कल की तरह आज फिर उसने अपने अंग दिखाने शुरू कर दिए। मैं देखता गया और पेपर सोल करते गए तभी थोड़ी देर बाद उसकी मम्मी ने दरवाजा खटखटाया, तब जिगु ने नाइटी अपर का पहन लिया और दरवाजा खोला। और हम फिर से पेपर सोल लाने लगे थोड़ी देर बाद मैं वहां से चला आया। फिर 4 पेपर बाकी थे दिन गुजर गए। एग्जाम पूरी हो गई। हम सब ने सोचा फिल्म देखने जाने का। हम सब मर्डर फिल्म देखने गए उसमें मैं ज्योति, नितेश रेखा निमिषा देवेन नितिन हम इतनी फिल्म देखने गए। पहेली सीट पर ज्योति बैठी उसके बाद मैं मेरे बाद नितेश, फिर रेखा, फिर निमिषा, देवेन और नितिन। फिल्म शुरू हो गई। थिएटर में अंधेरा था। तब मैंने अपना हाथ ज्योति के कंधे पर रखा। किसिंग सीन, सेक्स सीन आया, मैं उत्तेजित हो गया, मेरा हाथ सड़क पर ज्योति के बूब्स पर चला गया, उसने विरोध नहीं किया, मज़ा करने लगी। मैंने अपनी हाथ ज्योति की टी-शर्ट के अंदर डाल दिया और उसके बूब्स दबाने लगा। उसने मेरा दूसरा हाथ पकड़ के अपनी चूत पर रख दिया जो गीली हो गई थी। थोड़ी देर बाद इंटरवल हुआ तो हम नॉर्मल हो गए, नितेश ने मुझे कहाँ चल सबके लिए कुछ स्नैक्स लेकर आते हैं। हम दोनों बाहर आ गए। उसने कहाँ कैसा रहा ? मैंने कहाँ मज़ा आ गया पहेली बार किसी लड़की को ऐसे मैंने मज़ा किया है उसने मुझे कहाँ किस किया ? मैंने कहा नहीं तू बाजू में था इसके लिए नहीं किया। उसने कहा तू बाजू में था तो तुझे पता चला कि मैंने रेखा के होंठ इतने चूस लिए कि होंठ सूज गए। हम समोसा लेकर अंदर आए तब मैंने रेखा के होंठों को देखा थोड़े सूजे हुए थे वो समझ गई मैंने उसे आँख मारी। फिल्म फिर से शुरू हो गई अँधेरा होते ही मैंने ज्योति को कहाँ मैं किस करना चाहता हूँ। तो उसने कहा सब तुम्हारा है मैंने सब तुम्हें सोप दिया तो इसके लिए क्यों पूछ रहे हो मेरे होंठ तुम्हारे लिए ही है इतना कहकर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए हम जमकेर किस करने लगे। फिल्म पूरी हुई हम घर आ गए। मैं जिगू के घर गया मैंने देखा उसके पापा मम्मी बाहर जा रहे थे मैंने उनसे जिगू के बारे में पूछा तो कहाँ वो तरक्की पर है। मैं भी तरक्की पर गया। जिगू तरक्की पर बाहर की और चेहरा करके खड़ी थी मैंने पीछे से जेकर जिगू को कमर से पकड़ा और दबा लिया। वो गभरा गई मेरी और घूमती मुझे देखकर वो रिलैक्स हो गई। अभी तक मैंने उसे छोड़ा नहीं था मेरे हाथ अब उसकी गांड पर थे लेकिन वो कुछ नहीं बोल रही थी। उसके दो हाथ मेरे कंधे पर थे। मैंने कहाँ फिल्म देखने क्यों नहीं आई तुम तो कहाँ पापा मम्मी दीदी के घर जा रहे थे इसके लिए पैकिंग करनी थी इसलिए। अब हम दोनों चुप थे एक दूसरे को देख रहे थे। मैंने अपने होठों उसके होठों की हालत ले गया उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया मैंने अपने होठों उसके होठों पर रख दिए उसने भी मुझे अपने दोनों हाथों से दबाचके किस करने लगी लगभग 10 मिनट। तक हम दोनों एक दूसरे के होठ चूसते रहे इस दौरान जिघभी चूसी। फिर हम अलग हुए। वो फिर से बाहर की तरफ मुँह करके अपने हाथ की तराई की दीवार पर रखकर झुकी रही मैंने पीछे से अपने हाथ उसकी कमर में डाले मेरा लंड उसकी गांड पर था जो एकदम टाइट हो गया था। वो सीधी खड़ी हो गई मैंने अपने हाथ उसके बूब्स पर रख कर दबाने लगा। वो बोली बिना प्रपोज़ किए ही ये सब करने लगे तुम्हें पता था कि मैं ये सब तुम्हें करने दूँगी? मैंने जब हाँ कहा तो उसने मुझे पूछा कैसे पता था तब मैंने बताया कि जब तुम पेपर सोल करने मुझे बुलाकर अपने स्तन दिखाती थी तब मुझे पता चला कि उम मुझे कुछ भी करने से रोकोगी नहीं तुम मुझे पसंद करती हो। तब उसने कहा जितना समझा था उतने बुध तुम नहीं ऐसा कहकर अपने होठों को फिर से मेरे होठों पर रख किस करने लगी मैं उसके बॉल दबा रहा था जब मैंने अपना एक हाथ उसके स्कर्ट में डाल के उसकी चूत पकड़नी चाही तो उसने कहा यहाँ नहीं मेरे घर चलो वहा मुझे पूरी नंगी करके एन्जॉय करना मैंने कहा ठीक है मैं घर पर बोल्ड होता हूँ कि आज मैं अपने दोस्त के घर सोने जा रहा हूँ मैं दरवाजा खुला रखना मैं 10 मिनट में आता हूँ कहे केर मैं अपने घर गया मैंने मम्मी को बोल दिया कि मैं अपने दोस्त के घर सोने जा रहा हूँ। और सीधा दांत के घर चला गया। मैंने मुख्य द्वार बंद कर दिया। जब बेडरूम में गया तो देखा जिगू एक सफेद चादर औंधे के बिस्तर पर सो रही थी उसने जो कपड़े रास्ते पर पहने थे वो जमीन पर पड़े थे मैं समझा गया वो चादर के अंदर नंगी है। मैंने भी अपने सारे कपड़े निकाल कर नंगा हो गया जिगू मेरा लंड देख के बोली “वाह, लिया लंड है तुम्हारा मैंने पहली बार सच्चा लंड देखा है” मैं उसके बाजू में जाकर लेट गया और उसके होठों को चूसने लगा। हम दोनो किस एन्जॉय कर रहे थे धीरे से मैं उसकी गार्डन से हो केर उसके बूब्स पर आ गया चादर हटा दी और उसके बूब्स चूसने लगा 36” के एकदम टाइट बॉल दबा रहा था चूस रहा था पिघल ओ भी बाहर हो केर आआआ अरुण प्लीज चूसो इसे दबाओ मसल डालो इसे। मैं उसकी बेली बटन को अपनी जीभ से चूस रहा था। वो सिसकारियां लेकर ऊपर नीचे हो रही थी मेरे सर पर हाथ था उसका और कह रही थी अरुण खेलो मुझसे आज रात मैं पूरी की पूरी तुम्हारी हूँ मुझे आज लड़की से औरत बना दो इस कली को फूल बना दो अरुण प्लीज थोड़ा दौड़ दो उसके साथ ऐसे खेल ने के बाद उसने मुझे दबाके बाजू में लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गई और मेरे शरीर के अंगों को छूने लगी अब मैं आँखें बांध के सिसकारियां ले रहा था फिर मैंने उसके सर को धक्का देकर मेरे लंड को चूसने को कहा उसने मेरा पूरा लंड अपनी जीभ से चाटा बाद में पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया|और अंदर बाहर करने लगी 15-20 तक ऐसा करने के बाद मैं झड़ गया था मैंने उसे कहा कि जिगू डार्लिंग मैं झड़ने वाला हूँ मेरा वीर्य निकल जाएगा तुम इसे बाहर निकाल दो तो उसने नहीं माना और अंदर बाहर करना चालू रखा मैं झड़ गया आआह जिगू पिचकारी उसके मुँह में छूट गई मैंने उसका सर मेरे लंड पर दबा दिया और पूरा वीर्य उसके मुँह में छोड़ा। रिलैक्स होकर मैंने उसका सर छोड़ा वो मेरे सामने मेरा लंड पकड़कर बैठी थी और मुस्कुरा रही थी। मैंने फिर से उसके बूब्स को चूसने लगा। थोड़ी देर उसके boobs से belly button को चूसने के बाद में उसकी chut chut लगाने लगा वो bekabu हो गई। बोलने लगी अरुण प्लीज मत जलो मुझे जल्दी इस आग को बुझाओ प्लीज अरुण मैं अब नहीं रहूंगी शक्ति प्लीज छोड़ो मुझे डाल दो अपना लंड मेरी चूत में प्लीज अरुण तोड़ दो मेरा सील अरुण प्लीज मत और जलाओ अरुण छोड़ो मुझे प्लीज उसकी चूत रस छोड़ रही थी मैंने वो रस चाट लिया दारू से भी ज्यादा नशा था उसके बाद मैंने अपना लंड उसके दो बॉल के बीच में रख दिया दोनों बूब्स को दबाकर उसे छोड़ने लगा मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था मैं अब उसके दो पैरों के बीच में आ गया लंड उसकी चूत पर रख दिया वो सिहर उठी मैंने अपने होठों उसके होठों पर रख दिए और जोर से धक्का दिया लंड का टॉप अंदर चला गया। वो चिकनी लेकिन उसकी चीख अंदर ही दब गई। मैंने थोड़ी देर रुक के दूसरा धक्का दिया आधा लंड उसकी चूत में गया मैंने देखा उसकी आँखों में पानी आ गया था मैंने उसकी और देखा उसने मुझे कहा प्लीज मेरा दर्द मत देखो मेरी जवानी की प्यास देखो मुझे अपना बना लो अरुण प्लीज डाल दो पूरा लंड अंदर। मैंने और एक धक्का दिया पूरा लंड अंदर चला गया थोड़ी देर मैं ऐसे ही रख रहा फिर मैंने धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करना शुरू किया। वो भी अपनी गांड उछाल कर मेरा साथ देने लगी 3 मिनट के बाद वो पहेली बार झड़ गई मैंने वो महेश किया अपने लंड पर लेकिन मैंने अपने धक्के देना चालू ही रखा चूत ज्यादा गीली हुई इस लिए लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मैं जोर जोर से धक्के देने लगा था इस दौरान वो 2री बार झड़ गई। बोली वो
अरुण मेरे राजा और छोड़ो मुझे और जोर से छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी चूत प्लीज अरुण मैं तुम से भी मांग रही हूँ छोड़ो मुझे प्लीज। मैं उसे छोड़ता गे 20 मिनट के बाद मैं भी झड़नेवाला था इस दौरान जिगू 2 बार और झड़ चुकी थी मैंने जिगू को कहा मैं लंड बाहर निकाल रहा हूँ क्यों की मैं झड़नेवाला हूँ उसने मुझे मना कर दिया आसने कहा मैं तुम्हारे कम की पिचकारी अंडे महेश करना चाहती हूँ अंदर ही छोड़ो। मैंने अंदर ही पानी छोड़ दिया और जिगू के ऊपर ही लेटा गया थोड़ी दे चढ़ा ही रहे उसने कहा धन्यवाद अरुण आईलव यू अरुण मेरी शादी किसी से भी हो लेकिन वादा करो कि मैं हमेशा ऐसे ही प्यार करोगे मैंने कहा जिगू मैं शादी का वादा नहीं करता पर जिंदगी भर तुम्हें ऐसे ही प्यार करूंगा। इतना कहने के बाद मैं फिर से उसके होंठ चूसने शुरू किए फिर से हम गरम होने लगे मैं उसे पेट के बाल लिटा दिया दोनों हाथों से उसके स्तन को दबा रहा था और उसकी पीठ को चाट रहा था एक डीएम मलाई जैसी गोरी उसकी पीठ थी वाह मजा आ गया था। मैंने उसके पैरों को फैला दिया और अपना खड़ा लंड पीछे से उसकी चूत में डाल दिया और धक्के देना शुरू कर दिया फिर से जिगू की चुदाई चालू हो गई वो सिसकारियां लेने लगी आआआह्ह्ह्ह अर्र्र्र्र्रन्नन आआआ ह्ह्ह्ह्ह छोड़ो मुझे प्लीज चोदो 30 मिनट तक चोदने के बाद हम शांत हुए मैंने कहा जिगू प्लीज मैं तुम्हारी गांड में अपना लंड पेलना चाहता हूँ उसने कहा डियर गांड में बहुत दर्द होता है ऐसा मैंने सुना है पर मैं सहन कर लुंगी मारो मेरी गांड आज रात में तुम्हारी रंडी बनकर सेवा करूंगी जैसे चाहो वैसे छोड़ो मुझे मैंने उसे बिस्तर के पास खड़ा कर झुक जाने को कहाँ वो वैसी खड़ी हो गई मैंने अपने लंड पर नारियल तेल लगाया उसकी गांड के छेद पर रखा और ज़ोर से धक्का मारा वो चिल्ला उठी माँआआआआआआआआआआआआआआआआआआह गई मैंने और एक धक्का दिया वो रोने लगी कहाँ रहेम करो अरुण धीरे से डालो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है मदिया पूरा लंड उसकी गांड में घुसा दिया वो रो रही थी थोड़ी देर कुछ नहीं किया अब वो शांत थी उसने खुद अपनी गांड आगे पीछे करने लगी मैं समझ गया अब वो तैयार है मैंने अब अपना लंड उसकी गांड में अंदर बाहर करने लगा अब उसे भी मजा आने लगा था वो बोल रही थी हाँ अरुण मारो मेरी गांड मारो फाड़ डालो मेरी गांड को अरुण उईईईई माँआआ फाड़ डालो अरुण माआआअर्र्रर गई माँआआ अरुण और जोर से करो और जोर से करो पूरे 15 मिनट उसकी टाइट मलाई जैसी गांड में मेरी और मैं झड़ गया फिर वो बाथरूम में गई फ्रेश होने मैं भी उसके पीछे बाथरूम में गया और उसे कहाँ मेरा लंड भी साफ कर दो उसने मेरा लंड साबुन से धोने के कबाब अपने मुँह में ले लिया मेरा लंड फिर से टाइट हो गया मैंने उसे खड़ा किया बाहर मैं उठाकर उसे ड्राइंग रूम में ले गया जहाँ मैं सोफे पर बैठ गया उसे अपनी चूत में लेकर उसकी चूत में लंड डाल दिया फिर से उसे छोड़ा । पूरी रात ऐसे ही हम छोड़ रहे सुबह 4.00 बजे हम सो गए 8.00 उठे मैंने कहा अगर किसी ने देख लिया तो तो उसने कहा पहले मैं बाहर जाती हूँ जब तुम्हें इशारा करूँ तब तुम बाहर आना उसने दवा खोला बाहर गई थोड़ी देर बाद उसने मुझे इशारा किया मैं धीरे से बाहर निकाल कर मेरे घर चला गया उसके बाद मैंने कई बार जीभ को होटल में लेकर छोड़ा आज उसकी शादी हो गई है फिर भी कभी मैं वहाँ जाकर या जब वह यहाँ आती है तब उसे छोड़ता हूँ मेरी शादी ज्योति से हो गई ज्योति और मैं भी बहुत खुश है और कोई लड़की भाभी और औरत कि मैं अगर सेक्स की भूख मिटाऊं तो मैं अपने आप को भाग्यशाली समझूंगा मेरा मेल आईडी मेल कीजिएगा और किसी के साथ जबरदस्ती मत करना






0 comments:
Post a Comment