Saturday, 15 August 2026

ओ सामने वाले फ्लैट में रहती थी

 हाय रीडर्स, मैं अरुण। पहले भी अपनी मेरी 2 कहानी पढ़ी और पसंद की इसके लिए थैंक्स। आज मैं आप सबसे एक रिक्वेस्ट करना चाहूंगा। आप सब ये कहानी पढ़िए पोर्न साइट सर्फ कीजिए लेकिन इसके बाद आप इसको आपके जीवन में इसका गलत इस्तेमाल न करें। टीचिंग प्रोफेशन में अगर आप हों तो प्लीज़ आपके फीमेल स्टूडेंट्स के साथ तो कभी सेक्स की खबर न रखें हम उस देश में रहते हैं जहाँ गुरु को भगवान से भी बड़ा दर्जा दिया गया है। और अगर आप कुछ और काम करते हैं तो जो आपके साथ ऐसे रिलेशनशिप में इंटरेस्टेड न हो उसके साथ जबरदस्ती रेप या बार बार इस बात के लिए टॉर्चर कर के गलत न करे। सेक्स अच्छा एंटरटेनमेंट है पर जब ये प्यार से हो तो ही अच्छा है। अब मैं आपको नई कहानी बताने जा रहा हूँ। ये बात जब मैं कॉलेज में पढ़ता था तब की है। हमारी एग्जाम चल रही थी मैं और मेरा ग्रुप इस एग्जाम दे रहे थे। हमारे ग्रुप में 6 लड़कियां और 8 लड़के थे। पर उन 6 लड़कियों में भी 2 ग्रुप थे 1 ग्रुप में रेखा, ज्योति और निमिषा थे और दूसरा ग्रुप था जिगिशा, दिव्या और अर्चना। मैं जिस सोसाइटी में रहता था वो फ्लैट सिस्टम था 1 फ्लैट में 12 घर थे। ज्योति मेरे सामने वाले फ्लैट में रहती थी और जिगीषा मेरे फ्लैट में रहती थी। जिगीषा एक दम गोरी चींटी भरी हुई शरीर वाली लड़की थी मैंने जब उसे 9th क्लास में पढ़ता था तब देखा था और तभी से वो मुझे पसंद थी। मैंने कई बार उसे ये बताने की कोशिश करता रहा पर डर के मारे कि वो मुझसे बात करना बंद न कर दे इस लिए मैं उसे बोल नहीं पाया। ऐसे ही चल रहा था और हम आज s.ybcom की एग्जाम तका आ गए थे। उस दिन पहला पेपर खत्म करके हम घर आ गए थे तभी हमारी एक पड़ोसी ने कहाँ जिगु दीदी आपको बुला रही है। मैं अपना पेपर लेकर उसके घर पहुँचा मैंने देखा उसके घर में उस दिन उसके पापा मम्मी और जिगिशा थे। उसने कहा चलो मेरे कमरे में जेकर पेपर सोल करते हैं मैं कहाँ ठीक है और हम उसके कमरे में चले गए। जेकर मैं बिस्तर पर बैठा उसने भी अपना पेपर निकाला और मेरे सामने बैठ गई। उस दिन उसने टी-शर्ट और स्कर्ट पहना था। हम पेपर सोल करने लगे पेपर सोल करते करते मेरी नज़र उसकी टी-शर्ट के अंदर दिख रहे उसके बूब्स पर पड़ी मैंने नोटिस किया वो जंबुजर मुझे दिखा रही हो। उसने अंदर सफेद रंग की ब्रा पहनी थी, उसमें से उसके 36 साइज के बूब्स बाहर आ रहे थे मेरा लंड वही टाइट हो गया था। थोड़ी देर बाद उसके पापा आए और वो मेरे बाजू में चेयर लेकर बैठे। पर मैं उनसे नज़र बचाके कभी कभी जिगू के बूब्स देख लिया करता था। सायद उन्होंने ये नोटिस कर लिया हो ऐसे जिगू को ठीक से बैठने को इशारा किया। तब से जिगु ने अपनी टी-शर्ट ऊपर से पकड़कर बैठी जा से मुझे कुछ दिखायी ना दे। उस दिन मैं पेपर देकर चला आया। पर मेरे दिमाग में पहले से ही जिगु तो थी ही औरा बी जब मैंने ये नज़ारा देखा मेरा मान बेकाबू हो गया था। दूसरे दिन जब मैं पेपर देने अपनी बाइक पर जा रहा था तब मैंने बस स्टॉप पर देखा कि ज्योति, रेखा और निमिषा खड़े थे। मैंने पास जाकर कहाँ चलो अगर किसी को आना हो तो। तब ज्योति कुछ नहीं बोली पर निमिषा और रेखा ज्योति को मेरे साथ बाइक पर जाने के लिए फोर्स करने लगे मैंने सोचा ये दोनों इसे ही क्यों फोर्स कर रहे हैं। इस दौरान ज्योति मेरे पीछे बैठ गई और हम कॉलेज के लिए चलने लगे बाइक पर वो थोड़ी दूरी से बैठी थी पर कभी मैं ब्रेक लगाता या खड़ा आ जाता तो ज्योति की छाती यानी कि बूब्स मेरी पीठ से टकरा जाते थे और वो मेरा कंधा पकड़कर बैलेंस कर लेती हम कॉलेज पहुंचाएं। पेपर देने के बाद जब हम एक चाय की दुकान पर सब मिले मैंने रेखा और निमिषा को साइड पर ले जेकर पूछा कि तुम दोनों ने ज्योति को ही क्यों फोर्स किया मेरे साथ बाइक पर आने को तभी नितेश जो रेखा से प्यार करता था वो वहा आया और मुझसे कहा कि क्यों भाई मेरी गर्लफ्रेंड को साइड पर ले जेकर खड़ा है ऐसा मजाक किया नितेश मेरा खास दोस्त था इस लिए मैंने नितेश को कहा कि वो रेखा को कहे कि ये बात क्लियर करे तब वो बोला मुझे तो क्लियर पता है कि ज्योति तुम्हें पसंद करती है। मैंने ज्योति को कहा चलो घर चले तो वो बोली कि वो बस में जाएगी तभी निमिषा और रेखा उस पर बरस पड़े और कहा बाइक पर आई है तो बाइक पर ही जा। और वो मेरे साथ आने को तैयार हो गई हम लोग बाइक पर निकले और सीधा मैं बाइक लेकर शहर से बाहर एक रेस्टोरेंट में ले गया। वो बोली ये कहाँ ले आए तुम मुझे ? मैंने मुझे कहाँ से कुछ बात करनी है इस लिए। हम लोग आराम करो। मैंने एक कोने के टेबल पर बैठे कोल्ड कॉफी का ऑर्डर दिया और मैंने कहा ज्योति आई लाइक यू एंड आई लव यू क्या तुम मुझे अपना जीवनसाथी बनाओगी। तब उसने शर्मा केर हा कहा। मैंने हिंदी फिल्मों की तरह खड़े होकर टेबल चाकू से अंगूठा काटकर खून से उसकी माँग भर दी तब वो एकदम शॉक्ड हो गई और कहाँ ये क्या किया तुमने मैंने कहा आज से तुम पूरी तरह से मेरी हो। कॉफी बनाकर हम वहाँ से निकल पड़े घर के लिए अब वो बाइक पर मेरी वाइफ हो ऐसे बैठी चिपक केर। और मेरे कान में आई लव यू कहाँ। हम घर पहुँचो। मेरे घर में जाते ही मेरी मम्मी ने कहा जिगू तुम्हें पेपर सोल करने बुला रही है। मैं वहा गया देखा कल की तरह ही 3नो घर में ही थे। हम जिगू के कमरे में गए आज उसने डबल नाइटी पहनी थी अंदर जाते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया में बेड पर बैठा। उसने नाइटी का अपर का निकाल दिया, पेपर निकाला और मेरे सामने बैठ गई। कल की तरह आज फिर उसने अपने अंग दिखाने शुरू कर दिए। मैं देखता गया और पेपर सोल करते गए तभी थोड़ी देर बाद उसकी मम्मी ने दरवाजा खटखटाया, तब जिगु ने नाइटी अपर का पहन लिया और दरवाजा खोला। और हम फिर से पेपर सोल लाने लगे थोड़ी देर बाद मैं वहां से चला आया। फिर 4 पेपर बाकी थे दिन गुजर गए। एग्जाम पूरी हो गई। हम सब ने सोचा फिल्म देखने जाने का। हम सब मर्डर फिल्म देखने गए उसमें मैं ज्योति, नितेश रेखा निमिषा देवेन नितिन हम इतनी फिल्म देखने गए। पहेली सीट पर ज्योति बैठी उसके बाद मैं मेरे बाद नितेश, फिर रेखा, फिर निमिषा, देवेन और नितिन। फिल्म शुरू हो गई। थिएटर में अंधेरा था। तब मैंने अपना हाथ ज्योति के कंधे पर रखा। किसिंग सीन, सेक्स सीन आया, मैं उत्तेजित हो गया, मेरा हाथ सड़क पर ज्योति के बूब्स पर चला गया, उसने विरोध नहीं किया, मज़ा करने लगी। मैंने अपनी हाथ ज्योति की टी-शर्ट के अंदर डाल दिया और उसके बूब्स दबाने लगा। उसने मेरा दूसरा हाथ पकड़ के अपनी चूत पर रख दिया जो गीली हो गई थी। थोड़ी देर बाद इंटरवल हुआ तो हम नॉर्मल हो गए, नितेश ने मुझे कहाँ चल सबके लिए कुछ स्नैक्स लेकर आते हैं। हम दोनों बाहर आ गए। उसने कहाँ कैसा रहा ? मैंने कहाँ मज़ा आ गया पहेली बार किसी लड़की को ऐसे मैंने मज़ा किया है उसने मुझे कहाँ किस किया ? मैंने कहा नहीं तू बाजू में था इसके लिए नहीं किया। उसने कहा तू बाजू में था तो तुझे पता चला कि मैंने रेखा के होंठ इतने चूस लिए कि होंठ सूज गए। हम समोसा लेकर अंदर आए तब मैंने रेखा के होंठों को देखा थोड़े सूजे हुए थे वो समझ गई मैंने उसे आँख मारी। फिल्म फिर से शुरू हो गई अँधेरा होते ही मैंने ज्योति को कहाँ मैं किस करना चाहता हूँ। तो उसने कहा सब तुम्हारा है मैंने सब तुम्हें सोप दिया तो इसके लिए क्यों पूछ रहे हो मेरे होंठ तुम्हारे लिए ही है इतना कहकर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए हम जमकेर किस करने लगे। फिल्म पूरी हुई हम घर आ गए। मैं जिगू के घर गया मैंने देखा उसके पापा मम्मी बाहर जा रहे थे मैंने उनसे जिगू के बारे में पूछा तो कहाँ वो तरक्की पर है। मैं भी तरक्की पर गया। जिगू तरक्की पर बाहर की और चेहरा करके खड़ी थी मैंने पीछे से जेकर जिगू को कमर से पकड़ा और दबा लिया। वो गभरा गई मेरी और घूमती मुझे देखकर वो रिलैक्स हो गई। अभी तक मैंने उसे छोड़ा नहीं था मेरे हाथ अब उसकी गांड पर थे लेकिन वो कुछ नहीं बोल रही थी। उसके दो हाथ मेरे कंधे पर थे। मैंने कहाँ फिल्म देखने क्यों नहीं आई तुम तो कहाँ पापा मम्मी दीदी के घर जा रहे थे इसके लिए पैकिंग करनी थी इसलिए। अब हम दोनों चुप थे एक दूसरे को देख रहे थे। मैंने अपने होठों उसके होठों की हालत ले गया उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया मैंने अपने होठों उसके होठों पर रख दिए उसने भी मुझे अपने दोनों हाथों से दबाचके किस करने लगी लगभग 10 मिनट। तक हम दोनों एक दूसरे के होठ चूसते रहे इस दौरान जिघभी चूसी। फिर हम अलग हुए। वो फिर से बाहर की तरफ मुँह करके अपने हाथ की तराई की दीवार पर रखकर झुकी रही मैंने पीछे से अपने हाथ उसकी कमर में डाले मेरा लंड उसकी गांड पर था जो एकदम टाइट हो गया था। वो सीधी खड़ी हो गई मैंने अपने हाथ उसके बूब्स पर रख कर दबाने लगा। वो बोली बिना प्रपोज़ किए ही ये सब करने लगे तुम्हें पता था कि मैं ये सब तुम्हें करने दूँगी? मैंने जब हाँ कहा तो उसने मुझे पूछा कैसे पता था तब मैंने बताया कि जब तुम पेपर सोल करने मुझे बुलाकर अपने स्तन दिखाती थी तब मुझे पता चला कि उम मुझे कुछ भी करने से रोकोगी नहीं तुम मुझे पसंद करती हो। तब उसने कहा जितना समझा था उतने बुध तुम नहीं ऐसा कहकर अपने होठों को फिर से मेरे होठों पर रख किस करने लगी मैं उसके बॉल दबा रहा था जब मैंने अपना एक हाथ उसके स्कर्ट में डाल के उसकी चूत पकड़नी चाही तो उसने कहा यहाँ नहीं मेरे घर चलो वहा मुझे पूरी नंगी करके एन्जॉय करना मैंने कहा ठीक है मैं घर पर बोल्ड होता हूँ कि आज मैं अपने दोस्त के घर सोने जा रहा हूँ मैं दरवाजा खुला रखना मैं 10 मिनट में आता हूँ कहे केर मैं अपने घर गया मैंने मम्मी को बोल दिया कि मैं अपने दोस्त के घर सोने जा रहा हूँ। और सीधा दांत के घर चला गया। मैंने मुख्य द्वार बंद कर दिया। जब बेडरूम में गया तो देखा जिगू एक सफेद चादर औंधे के बिस्तर पर सो रही थी उसने जो कपड़े रास्ते पर पहने थे वो जमीन पर पड़े थे मैं समझा गया वो चादर के अंदर नंगी है। मैंने भी अपने सारे कपड़े निकाल कर नंगा हो गया जिगू मेरा लंड देख के बोली “वाह, लिया लंड है तुम्हारा मैंने पहली बार सच्चा लंड देखा है” मैं उसके बाजू में जाकर लेट गया और उसके होठों को चूसने लगा। हम दोनो किस एन्जॉय कर रहे थे धीरे से मैं उसकी गार्डन से हो केर उसके बूब्स पर आ गया चादर हटा दी और उसके बूब्स चूसने लगा 36” के एकदम टाइट बॉल दबा रहा था चूस रहा था पिघल ओ भी बाहर हो केर आआआ अरुण प्लीज चूसो इसे दबाओ मसल डालो इसे। मैं उसकी बेली बटन को अपनी जीभ से चूस रहा था। वो सिसकारियां लेकर ऊपर नीचे हो रही थी मेरे सर पर हाथ था उसका और कह रही थी अरुण खेलो मुझसे आज रात मैं पूरी की पूरी तुम्हारी हूँ मुझे आज लड़की से औरत बना दो इस कली को फूल बना दो अरुण प्लीज थोड़ा दौड़ दो उसके साथ ऐसे खेल ने के बाद उसने मुझे दबाके बाजू में लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गई और मेरे शरीर के अंगों को छूने लगी अब मैं आँखें बांध के सिसकारियां ले रहा था फिर मैंने उसके सर को धक्का देकर मेरे लंड को चूसने को कहा उसने मेरा पूरा लंड अपनी जीभ से चाटा बाद में पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया|और अंदर बाहर करने लगी 15-20 तक ऐसा करने के बाद मैं झड़ गया था मैंने उसे कहा कि जिगू डार्लिंग मैं झड़ने वाला हूँ मेरा वीर्य निकल जाएगा तुम इसे बाहर निकाल दो तो उसने नहीं माना और अंदर बाहर करना चालू रखा मैं झड़ गया आआह जिगू पिचकारी उसके मुँह में छूट गई मैंने उसका सर मेरे लंड पर दबा दिया और पूरा वीर्य उसके मुँह में छोड़ा। रिलैक्स होकर मैंने उसका सर छोड़ा वो मेरे सामने मेरा लंड पकड़कर बैठी थी और मुस्कुरा रही थी। मैंने फिर से उसके बूब्स को चूसने लगा। थोड़ी देर उसके boobs से belly button को चूसने के बाद में उसकी chut chut लगाने लगा वो bekabu हो गई। बोलने लगी अरुण प्लीज मत जलो मुझे जल्दी इस आग को बुझाओ प्लीज अरुण मैं अब नहीं रहूंगी शक्ति प्लीज छोड़ो मुझे डाल दो अपना लंड मेरी चूत में प्लीज अरुण तोड़ दो मेरा सील अरुण प्लीज मत और जलाओ अरुण छोड़ो मुझे प्लीज उसकी चूत रस छोड़ रही थी मैंने वो रस चाट लिया दारू से भी ज्यादा नशा था उसके बाद मैंने अपना लंड उसके दो बॉल के बीच में रख दिया दोनों बूब्स को दबाकर उसे छोड़ने लगा मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था मैं अब उसके दो पैरों के बीच में आ गया लंड उसकी चूत पर रख दिया वो सिहर उठी मैंने अपने होठों उसके होठों पर रख दिए और जोर से धक्का दिया लंड का टॉप अंदर चला गया। वो चिकनी लेकिन उसकी चीख अंदर ही दब गई। मैंने थोड़ी देर रुक के दूसरा धक्का दिया आधा लंड उसकी चूत में गया मैंने देखा उसकी आँखों में पानी आ गया था मैंने उसकी और देखा उसने मुझे कहा प्लीज मेरा दर्द मत देखो मेरी जवानी की प्यास देखो मुझे अपना बना लो अरुण प्लीज डाल दो पूरा लंड अंदर। मैंने और एक धक्का दिया पूरा लंड अंदर चला गया थोड़ी देर मैं ऐसे ही रख रहा फिर मैंने धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करना शुरू किया। वो भी अपनी गांड उछाल कर मेरा साथ देने लगी 3 मिनट के बाद वो पहेली बार झड़ गई मैंने वो महेश किया अपने लंड पर लेकिन मैंने अपने धक्के देना चालू ही रखा चूत ज्यादा गीली हुई इस लिए लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब मैं जोर जोर से धक्के देने लगा था इस दौरान वो 2री बार झड़ गई। बोली वो

अरुण मेरे राजा और छोड़ो मुझे और जोर से छोड़ो मुझे फाड़ दो मेरी चूत प्लीज अरुण मैं तुम से भी मांग रही हूँ छोड़ो मुझे प्लीज। मैं उसे छोड़ता गे 20 मिनट के बाद मैं भी झड़नेवाला था इस दौरान जिगू 2 बार और झड़ चुकी थी मैंने जिगू को कहा मैं लंड बाहर निकाल रहा हूँ क्यों की मैं झड़नेवाला हूँ उसने मुझे मना कर दिया आसने कहा मैं तुम्हारे कम की पिचकारी अंडे महेश करना चाहती हूँ अंदर ही छोड़ो। मैंने अंदर ही पानी छोड़ दिया और जिगू के ऊपर ही लेटा गया थोड़ी दे चढ़ा ही रहे उसने कहा धन्यवाद अरुण आईलव यू अरुण मेरी शादी किसी से भी हो लेकिन वादा करो कि मैं हमेशा ऐसे ही प्यार करोगे मैंने कहा जिगू मैं शादी का वादा नहीं करता पर जिंदगी भर तुम्हें ऐसे ही प्यार करूंगा। इतना कहने के बाद मैं फिर से उसके होंठ चूसने शुरू किए फिर से हम गरम होने लगे मैं उसे पेट के बाल लिटा दिया दोनों हाथों से उसके स्तन को दबा रहा था और उसकी पीठ को चाट रहा था एक डीएम मलाई जैसी गोरी उसकी पीठ थी वाह मजा आ गया था। मैंने उसके पैरों को फैला दिया और अपना खड़ा लंड पीछे से उसकी चूत में डाल दिया और धक्के देना शुरू कर दिया फिर से जिगू की चुदाई चालू हो गई वो सिसकारियां लेने लगी आआआह्ह्ह्ह अर्र्र्र्र्रन्नन आआआ ह्ह्ह्ह्ह छोड़ो मुझे प्लीज चोदो 30 मिनट तक चोदने के बाद हम शांत हुए मैंने कहा जिगू प्लीज मैं तुम्हारी गांड में अपना लंड पेलना चाहता हूँ उसने कहा डियर गांड में बहुत दर्द होता है ऐसा मैंने सुना है पर मैं सहन कर लुंगी मारो मेरी गांड आज रात में तुम्हारी रंडी बनकर सेवा करूंगी जैसे चाहो वैसे छोड़ो मुझे मैंने उसे बिस्तर के पास खड़ा कर झुक जाने को कहाँ वो वैसी खड़ी हो गई मैंने अपने लंड पर नारियल तेल लगाया उसकी गांड के छेद पर रखा और ज़ोर से धक्का मारा वो चिल्ला उठी माँआआआआआआआआआआआआआआआआआआह गई मैंने और एक धक्का दिया वो रोने लगी कहाँ रहेम करो अरुण धीरे से डालो प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है मदिया पूरा लंड उसकी गांड में घुसा दिया वो रो रही थी थोड़ी देर कुछ नहीं किया अब वो शांत थी उसने खुद अपनी गांड आगे पीछे करने लगी मैं समझ गया अब वो तैयार है मैंने अब अपना लंड उसकी गांड में अंदर बाहर करने लगा अब उसे भी मजा आने लगा था वो बोल रही थी हाँ अरुण मारो मेरी गांड मारो फाड़ डालो मेरी गांड को अरुण उईईईई माँआआ फाड़ डालो अरुण माआआअर्र्रर गई माँआआ अरुण और जोर से करो और जोर से करो पूरे 15 मिनट उसकी टाइट मलाई जैसी गांड में मेरी और मैं झड़ गया फिर वो बाथरूम में गई फ्रेश होने मैं भी उसके पीछे बाथरूम में गया और उसे कहाँ मेरा लंड भी साफ कर दो उसने मेरा लंड साबुन से धोने के कबाब अपने मुँह में ले लिया मेरा लंड फिर से टाइट हो गया मैंने उसे खड़ा किया बाहर मैं उठाकर उसे ड्राइंग रूम में ले गया जहाँ मैं सोफे पर बैठ गया उसे अपनी चूत में लेकर उसकी चूत में लंड डाल दिया फिर से उसे छोड़ा । पूरी रात ऐसे ही हम छोड़ रहे सुबह 4.00 बजे हम सो गए 8.00 उठे मैंने कहा अगर किसी ने देख लिया तो तो उसने कहा पहले मैं बाहर जाती हूँ जब तुम्हें इशारा करूँ तब तुम बाहर आना उसने दवा खोला बाहर गई थोड़ी देर बाद उसने मुझे इशारा किया मैं धीरे से बाहर निकाल कर मेरे घर चला गया उसके बाद मैंने कई बार जीभ को होटल में लेकर छोड़ा आज उसकी शादी हो गई है फिर भी कभी मैं वहाँ जाकर या जब वह यहाँ आती है तब उसे छोड़ता हूँ मेरी शादी ज्योति से हो गई ज्योति और मैं भी बहुत खुश है और कोई लड़की भाभी और औरत कि मैं अगर सेक्स की भूख मिटाऊं तो मैं अपने आप को भाग्यशाली समझूंगा मेरा मेल आईडी मेल कीजिएगा और किसी के साथ जबरदस्ती मत करना

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Friday, 14 August 2026

गाँव का डॉक्टर

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Thursday, 13 August 2026

चाची को सोते हुए छोड़ा

 हाय दोस्तों, मैं इमरान हूँ और मुझे www.Mstory.com बहुत पसंद है। मैं आपको कहानी नहीं सच्चाई सुनाने जा रहा हूँ। मैं 25 साल का हूँ, मैंने आज तक किसी को नहीं छोड़ा, बस बूब्स ज़रूर प्रेस किए हैं। मेरी चाची 32 साल की हैं और मेरे चाचा ने दो शादियाँ की हैं। वो दूसरी वाली के साथ रहते हैं। और ये चाची नानी के यहाँ रहती हैं। मैं अपनी नहीं के यह पढ़ाई के लिए रुका हुआ था। हम सब लोग एक ही कमरे में सोया करते थे। पहले तो मैंने ऐसा कुछ सोचा नहीं था पर जब चाची की गांड और बूब्स को देखता तो अपने आप मेरा लंड 8 इंच का हो जाता। मेरी चाची दिखने में तो बहुत ही सेक्सी हैं। जब वो लाल साडी पहनती है तो एक दम फटाका लगती है. मेरी चाची पतिव्रता है. पर मैंने भी जगह लिया था कि इनकी चूत को अपने लंड का रसपान ज़रूर करूंगा. एक दिन मेरे को नींद नहीं आ रही थी. तो मैं अपने कमरे से उठकर उस कमरे में आ गया जहाँ चाची और नानी सोती हैं. मैं चाची के पास आकर सो गया. 15 मिनट तक तो कुछ नहीं फिर वही शुरू जो सब करते हैं पेट पर हाथ रखना. पर मैंने कुछ एडवांस किया.... मेन टॉवल में ही उनके साथ सो गया था. बस फिर क्या... मैंने अपने पैरों से उनकी सारी ऊपर की और अपनी जंगलों को उनकी गरम जंगलों से चिपका दिया... वो बस सोती रही... तो मैं समझ गया... की बाजी अपने हाथ में ही. मैंने उन्हें अपने करीब खींच लिया. और फिर ऊपर से ही उनकी चूत को ज़ोर से रगड़ने लगा. मज़ा आ गया था. फिर धीरे-धीरे उनकी सारी को ऊपर किया. और फिर धीरे से उनकी चड्डी में हाथ डाला. और ऊपर ही ऊपर उनकी चूत को सहलाने लगा. पर एक गलती हो गई उनके गरम होने से पहले मैं ही गरम हो गया और एक झटके में अपनी उंगली उनकी चूत में डाल दी. वो चिल्ला नहीं पाए क्योंकि बाजू में नानी सो रही थी.... बस दबी हुई आवाज़ में छोड़ो.... छोड़ो.... कह रही थी... उनकी आँखों से आँसू टपकने लगे थे। क्योंकि चाचा ने उन्हें छोड़ना छोड़ दिया था। और उनकी चूत बापस टाइट हो गई थी। हाँ मैं बात बता दूँ। चाचा ने इसलिए दूसरी शादी की क्योंकि इसमें कोई गलती नहीं हुई थी। तो जायाज ही चूत टाइट तो होगी ही... बस वो छोड़ो... छोड़ो... चिल्ला रही थी... जब मैंने उंगली एक दम उनकी गरमा-गरम चूत में डाली तो वो अपना मुंह खोल कर चिल्लाना चाहती थी पर चिल्ला नहीं पाई क्यों नानी बाजू में सो रही थी... फिर मैंने उन्हें कस के पकड़ लिया... अपने होठों से उनके होठों को चूमने लगा। अरे बूब बाद में दबा लेता पर उस वक़्त तो मेरे सर पर चुदाई करने का बहुत सवार था. जब मैंने अपनी बीच की उंगली डाली तो उन्होंने अपनी दोनों उंगलियों से मेरे हाथों को रोकने की कोशिश की. मगर में बहुत जल्दी में था जिससे कोई ट्राई छूट ना जाए... फिर मैंने पूरी ताकत लगाकर दूसरी उंगली भी उनकी चूत में डाल दी... उनकी आँखों से आँसू नुकलने लगे. पर मैंने कोई दया नहीं की. अपने पेरो से उनके दोनों पेरो को अलग किया. और मैं तो अपने लंड को पहले ही निकाल चुका था. तुम सोच रहे होगे नानी जागी नहीं. तो वो बहुत गहरी नींद में सोती है. और ना भी सोए तो मैं क्या करूँ उस टाइम तो बस एक ही जुनून सवार थे अपने गरमा गरम लोडे को चाची की चोट में डालना था. बस फिर क्या सच कहूँ तो मुझे बहुत पसीना आ गया था. वो डर रही थी कि कहीं नानी ना जाग जाए. इसीलिए मेरा प्रतिरोध कर रही थी. वो छोड़ना चाहती थी मगर इस तरह नहीं जिस तरह में उन्हें पहली बार छोड़ रहा था. बस फिर क्या मैंने कान में कहा कि बस एक बार डालूंगा बाकी का काम कल कर लूँगा. बस मेरे लोडे को चोट के दर्शन करा दो. मगर वो नहीं मानी. मैं थोड़े ही मानने वाला था. मैं ऊपर पहले ही चढ़ चुका था. मेरा लौड़ा खुला हुआ था. और उनकी जंगो से टकरा रहा था. सच कहूँ तो मुझसे ज्यादा मेरा लोडा ज्यादा जल्दी में था। उसे तो बस अंदर जाना था चाहे कुछ भी हो जाए। मैंने एक हाथ से लोडा पकड़ा पर उनकी की चड्डी बीच में आ गई। मैंने दूसरे हाथ से अपने लोडे को बस रास्ता दिखाया चड्डी को थोड़ा सा खिसका कर। अपने लोडे को उनकी गरमा गरम चोट पे रखा और एक झटका दिया पर साला फिसल गया, अंदर नहीं गया। पर मैंने दूसरी बार अपने लोडे को चोट से लगाया और हाथ से ही पकड़ कर एक धक्का दिया। जरा सा गया वो बस यह मानो कुछ कर नहीं पा रही थी, जैसे बिन पानी मछली तड़प रही हो। क्योंकि मैंने अपना सूखा लंड ही डाल दिया था मैंने देर नहीं की और दूसरा झटका दिया मेरा आधा लोडा उनकी चोट में समा गया था। वो बस छत की तरफ देख कर रो रही थी। मैंने नीचे हाथ लगाकर देखा तो खून निकल रहा था। मैंने कोई समय गवाए बिना अपनी तौलिया नीचे फसा दिया। और आखिरी झटका दिया। और वो उनकी आखिरी चीख थी। मेरा मतलब सबसे दर्दनिया चीख। बस 10 सेकंड में रुका और फटाफट अंदर बाहर करने लगा वो कहने लगी कि धीरे करो मगर में तो बहुत जल्दी में था गांड फटी जा रही थी कि कहीं नानी जाग गई तो गांड मर जाएगी। मुझे तो बस पानी पड़ी थी। मैं एक बार शुरू हुआ तो 15 मिनट तक छोड़ता रहा और सारा लार्वा (छूत) उनकी चूत में भर दिया। थोड़ी देर तक मैं उनके ऊपर पड़ा रहा। और फिर चुपचप। बाजू में सो गया। वह अभी भी रो रही थी। मैंने कहा बाथरूम में जाकर चूत साफ कर लो। वह चुप चप रोते रोते। बाथरूम में चली गई। मैं भी पीछे-पीछे गया कि कहीं कुछ उल्टा सीधा न कर ले। अपने हाथों से उनकी चूत साफ की। और उन्हें समझाया। कि चाचा तो आपको छोड़ते नहीं हैं। अब मैं ही तुम्हारा ख्याल रखूंगा। और फिर उनकी चूत को किस किया और 5 मिनट तक उनके होठों को। इतनी देर में मेरा लोड़ा फिर खड़ा हो गया। पर मैंने छोड़ा नहीं। बात बिगड़ सकती थी। वो घर में वापस आकर सो गई। अब मेरा प्लान था उनकी गांड मारना। बस...मुंह मार्के में भी वापस सो गया। अब आगे की बात में तब सुनाऊंगा जब आपके मेल मुझे मिलेंगे। नहीं तो नहीं। सिर्फ लड़कियां ही नहीं, लड़के भी मेल कर सकते हैं। पर अगर लड़कियां, भाभियां या फिर आंटी अगर मुझे मेल करेंगी तो मुझे ज्यादा खुशी होगी। तब मैं अपना पूरा इंट्रोडक्शन दूंगा। तो मुझे मेल करें.... इंतजार रहेगा। दोस्तों। हाँ अगर कोई मेरे साथ सेक्स करना चाहता है तो मुझे खुशी होगी वो कोई भी लड़की / मामी / चाची / नानी / दादी / बहन / भाभी / शादीशुदा या अविवाहित। कृपया कृपया कृपया मुघ्य मेल ज़रूर करें, क्या कोई पाकिस्तानी भी है या भारतीय भी।

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Wednesday, 12 August 2026

बहिणीची विधवा सासू-१

 मी माझ्या बहिणीच्या ५५ ​​वर्षांच्या सासूला कसं झवलं, ही त्याची गोष्ट आहे.


माझ्या बहिणीचं लग्न होऊन दोन-चार वर्षे झाली होती. तिचे सासू-सासरे जवळच राहत होते. पण माझ्या सासूबाई सोडून बाकी सगळ्यांना दुसरीकडे सरकारी नोकऱ्या होत्या. माझी सासू विधवा होती. तिचे दीर लहान असतानाच तिच्या नवऱ्याने तिला सोडून दिलं होतं. तिच्या सासूबाईंना सरकारी नोकरी मिळाली. तिलाही सरकारी नोकरी असल्यामुळे ती शहरात एकटीच होती. मुलं सगळी बाहेरगावी होती, त्यामुळे ते फक्त कधीतरीच भेटायला यायचे.


आम्ही एकाच शहरात राहत असल्यामुळे मी तिला वारंवार भेटायला जायचो. माझे तिच्याशी चांगले संबंध निर्माण झाले. नंतर, मी तिच्याकडे लक्ष देऊ लागलो. मी तिच्या शरीराचं कौतुक करू लागलो. मी तिच्या मोठ्या, घट्ट स्तनांचं कौतुक करू लागलो. मी तिच्या भरदार नितंबांवर नजर टाकली. तिची शरीरयष्टी एखाद्या स्थूल स्त्रीसारखी होती. ती जाड होती, पण ते पोटामुळे नव्हतं. तिच्या जाड मांड्या, मोठे स्तन आणि मोठे नितंब यांमुळे ती जास्त वजनाची आहे असं वाटायचं.



माझ्या बहिणीच्या लग्नानंतरच्या वर्षापर्यंत, माझ्या सासूबाई आणि माझ्यात चांगले नाते निर्माण झाले होते. आता त्या दिवसाबद्दल बोलूया. संध्याकाळी, तिला काही कामासाठी बाजारात जायचे होते, म्हणून आम्ही स्कूटरवरून एकत्र गेलो. ती माझ्या मागे बसली होती, आणि ब्रेक दाबल्यावर तिचे स्तन वर-खाली होत होते. वर-खाली होताना ते माझ्या पाठीला लागत होते. या जाणिवेमुळे माझे लिंग दोन-तीन वेळा ताठ झाले.


आम्ही बाजारात खरेदी करत असताना अंधार पडत होता, आणि जेव्हा आम्ही परत यायला लागलो, तेव्हा अर्ध्या रस्त्यात पाऊस सुरू झाला. आम्ही पूर्णपणे भिजलो होतो आणि स्कूटरवर अर्धेच बसलो होतो. मी तिला माझ्या पाठीवर बसायला सांगितले, जेणेकरून ती पावसात भिजणार नाही. ती पुढे सरकली आणि तिची योनी माझ्या योनीला दाबून धरली, आणि तिच्या मांड्या माझ्या मांड्यांना लागल्या. तिचे मोठे स्तन माझ्या पाठीला दाबले गेले. मला तिचे पाय आणि स्तन जाणवत होते. पावसात भिजल्यामुळे माझे लिंग ताठ झाले.


रस्ता पूर्णपणे अंधारलेला होता आणि पाऊस मुसळधार होता. आम्ही तिच्या घरी पोहोचलो. एवढ्या मुसळधार पावसात घरी जाणे मला अवघड होते, म्हणून मी तिथेच थांबायचे ठरवले. आम्ही पूर्णपणे भिजलो होतो. जेव्हा आम्ही गेटमधून आत शिरलो, तेव्हा माझी सासू दार उघडायला पुढे आली. तेव्हाच मी तिला पाहिलं.


तिने हलक्या रंगाचा पांढरा सलवार सूट घातला होता. पावसामुळे तो तिच्या शरीराला चिकटला होता. तिचे वळणदार शरीर स्पष्ट दिसत होते. वरचा सूट तिच्या पोटाला चिकटला होता, ज्यामुळे तिची नाभी दिसत होती. तिच्या स्तनांना झाकणाऱ्या ब्राचा रंग दिसत होता. तिने हलक्या पिवळ्या रंगाची ब्रा घातली होती. ब्राचे पट्टे पाठीमागून दिसत होते आणि सूट इतका ओला होता की तो तिच्या नितंबांच्या खाचेत मुरला होता. तिच्या पॅन्टीची रेषा दिसत होती. मला तिचे नितंब आणि त्यातून तिच्या मांड्या पूर्णपणे दिसत होत्या. मला वाईट वाटू लागलं होतं.


तिने दार उघडलं आणि लाईट लावला, पण तो लागला नाही. ती स्वयंपाकघरात गेली आणि एक मेणबत्ती घेऊन आली. तिने ती पेटवली आणि खोलीत फिकट पिवळा प्रकाश पसरला. ती तिचे ओले कपडे बदलायला बाथरूममध्ये गेली. तिच्या जाडजूड शरीरामुळे तिला हात हलवायला थोडा त्रास होत होता आणि तिच्या सूटच्या ओलाव्यामुळे परिस्थिती आणखीच बिकट झाली होती.


तिने थोडा वेळ प्रयत्न केला, पण तिला तिचा सलवार काढता आला नाही. बराच वेळ ती बाहेर न आल्याने, मी अजून कपडे बदलले नसल्यामुळे, काय झाले आहे असे विचारले. तिने सांगितले की तिला कपडे बदलता आले नाहीत आणि तिने दाराची कडी उघडली. तिने मला आत येऊन मदत करायला सांगितले.


मी थोड्या संकोचाने दार उघडले. कोपऱ्यात एक मेणबत्ती पेटलेली होती, ज्यामुळे तिच्यावर मंद प्रकाश पडत होता. माझी सासू एका स्टूलवर बसली होती, तिचा सलवार अर्धा वर सरकलेला होता. तिचे पोट उघडे होते आणि सूट तिच्या स्तनांभोवती अडकला होता. मी तिच्याकडे एकटक पाहत होतो, तेवढ्यात ती जवळ आली आणि तिने मदत मागितली.


मी तिच्या जवळ गेलो आणि गुडघ्यांवर बसलो. मी तिला समजावून सांगितले की सूट ओढून काढता येणार नाही; मला तिचे स्तन दाबून मग माझ्या हातांनी वर उचलावे लागतील. तसे काही घडले नसले तरी, माझ्या मनात एक खोडकर कल्पना आली. ती म्हणाली ठीक आहे.


मग मी माझा उजवा हात तिच्या ब्रा वरून तिच्या एका स्तनावर ठेवला. ते खूप मोठे आणि घट्ट होते, जणू काही कुमारीकेची योनी, जिच्यात कोणीही कधी लिंग घातले नव्हते किंवा चोखले नव्हते. बरं, याचं कारण असं होतं की ती २०-३० वर्षांपासून विधवा होती. मी तिचा स्तन दाबला आणि तिचे पोट थोडे वर उचलले, पण जास्त आत न जाता, मी तिचा स्तन जोरात दाबला, आणि माझ्या सासूच्या तोंडातून एक मादक 'इश्श' असा आवाज आला.


हळूहळू दोन्ही स्तन दाबल्यानंतर, मी तिचा सूट काढला. या दरम्यान, मी माझ्या दोन्ही हातांनी तिचे दोन्ही स्तन लिंबासारखे घट्ट दाबले. ती हुंदके देत होती. सूट काढल्यावर, ती फक्त ब्रा आणि ओल्या पायजमामध्ये होती. मी सुद्धा ओला झालो होतो. तिच्या ओल्या पायजमातून तिची लाल रंगाची पॅन्टी दिसत होती.


तिने तिची ब्रा काढायला मदत मागितली. मी ते काढले आणि बाजूला पाहू लागलो. तिने सुचवले की मी तिथेच कपडे बदलावेत. मी सुद्धा माझा शर्ट आणि पॅन्ट काढली, ज्यामुळे मी फक्त माझ्या अंतर्वस्त्रात राहिलो. आणि माझ्या सासूनेही तिचे स्तन ब्रा मधून मोकळे केले होते. माझे लिंग ताठ झाले होते आणि त्याचा आकार माझ्या अंडरवेअरमधून दिसत होता. मी वर पाहिले तर माझी सासू माझ्याकडेच बघत होती. ती वरून पूर्णपणे नग्न होती. ती माझ्या अंडरवेअरकडे एकटक बघत होती.


तिने कित्येक वर्षांत कोणतेही लिंग पाहिले नव्हते. आता ती उत्तेजित होत होती. कदाचित म्हातारपणातही तिची योनी थंड झाली नव्हती. तिच्या नवऱ्याशिवाय कोणीही तिच्या योनीत लिंग घातले नव्हते. तिचा नवरा निघून गेल्यानंतरही तिने कधीही कोणाचे लिंग आत घेतले नव्हते. कदाचित आतापर्यंत तिची योनी एखाद्या कुमारी मुलीच्या योनीसारखी घट्ट झाली असेल.ती माझ्या दिशेने चालत आली, तिचे स्तन उघडे होते आणि पायजमा ओला होता. ती जवळ आली आणि तिने मला मिठी मारली. पुढे काय झाले ते तुम्हाला पुढच्या भागात कळेल.

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बहन का डर दूर किया

  मेरा नाम शब्द खान मेरी उम्र 22 साल का हो गया और मेरी दीदी की उम्र 25 उसकी मेंहदी वह बहुत सुंदर है वो कैटरीना कैफ जैसा है उसकी शादी तय हो गई लेकिन वो काफी गहराई हो गई थी क्यों की शाली की शर्करात को काफी खून गया था तो उसकी सहेली ना कहा था एक रोज शादी 2 हफ्ते थी बहुत नर्वस थी रात हम बात करने लगे तो उसने कहा शब्द भाई मैं तुझ सा कुछ पूछ ना चाहती थी होना मैंने कहा दीद कहा पहला मुझसे वादा करो कि किसी सा नहीं कहो गा मियाने कहा ठीक है उसने कहा क्या तुम किस तुम्हारे दोस्त से सेक्स मुझसे करो शायद हो मैंने कहा क्या दीद कहा उसकी दोस्त सारी कहानी सुनाई थो मैंने कहा दीदी मैंने कहा आपने आंखें बंद करो थो उसने बंद कर लिया थो मैंने फोरन उन्हें लिप टू लिप किस करना लगा दीदी कहा यह क्या कर रहा हो मैंने कहा दीदी मैं वही जो आप चाहती थी लेकिन दीदी कहा तुम मेरा भाई हो मैंने इसी लिया तो कर रहा हो बाहर का किसी से कहोगी किसी को मौम होने का चांस लेकिन अपना मैं किसी को होने का चांस नहीं और और क्या दीदी ना कहा क्या आप मुझे अच्छी लगती हो थो दीदी कहा तू तुम मुझे छोड़ना ना चाहत हो थो रुका हो क्यों करो और दीदी कपड़े उतार कर उनके बूब्स चूसो ना लागा वो मस्ती में आईना लगी शब्द छुआ ऐसे ही 10 मिनट तक छू ना के बाद उनकी चूत को सहलाया तो और मस्त हो जाना फिर मैं उन चूत को किस किया तो कहानी लगी क्या कर रहा गंदी चीज़ तो मैंने मुझे इसकी चाट ना 

है दीदी ना कहा तुम्हारी मर्ज़ी और मैं चूत न लगा मस्ती पागल होने लगी शब्द भाई खाया मेरी चूत को और माना ला मेरा साथ सुहागरात और दीदी आवाज़ नीला न लगी ऊऊऊ माँ 15 मिनट का लंड उनकी चूत पे रख अंदर घोसना लगा थो उनको थोड़ा डर होने लगा फिर मैंने एक धक्का मारा थो दीदी चूत में आदा लंड चला बहुत डर होने लगा थो मुझे कहना लगी निकल भाई मुझे दर्द हो रहा रह मैं उनको भैलना लगा भैलता हौला सा छोड़ने लगा थोड़ी देर के बाद उनको मज़ा आना लगा फिर मैंने मेरा लंड दीदी चूत गुस्सा दिया दीदी काफी मस्त हो चोकी इसलिए मज़ा आना लगा दीदी कहने लगी ज़ोर छोड़ भाई मुझे मज़ा आना लगा तो मैं तेज़ छोड़ने लगा दीदी कहने लगी ऊऊद मुँह मेरा साथ सुअरआआआआआ और खूब छोड़ ना लगा 12 मिनट चोदना दोनों एक साथ छूट गया दीदी ना कहा भाई तुन्हा मुझे सील थोड़ा का जो मज़ा दिया मज़ा आ गया फिर मेरा लंड को लका सहलाना लगी और प्यार से किस किया मेरा लंड तुन्ना लगी तो दीद कहना लो यह फिर तैयार हो रहा फिर वह होना मेरा लंड मुँह में लेके चूसे ने लगी कुछ देर बाद मेरा शॉट हो गया तो सारा रस पिगाई दीदी कहा भाई 2 हफ़्ते में मुझे खूब चोदना है मैंने कहाँ ठीक और फिर मेरे दोस्तों का साथ दीदी को कैसे छोड़ो फिर अगला पार्ट यह कहानी किसे लाएगी कोई आंटी यह मुझ से सेक्स करना चाहती हो जो हैदराबाद प्लीज मुझसे कॉन्टैक्ट करो मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा हूँ तुम्हारी चूत 

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