हाय मैं लीना, मैं 39 साल की हूँ। शादीशुदा हूँ। किस्मत अच्छी है कि मैं आज भी बहुत सुंदर और सेक्सी हूँ, मुझे पता है कि कई लंड वाले मेरी कहानी पढ़कर मुझे चोदना चाहेंगे लड़कों मेरी कहानी पढ़कर अपना लंड हिलाकर शांत मत होना मुझे चोदने की स्टाइल में रिप्लाई करना और रिप्लाई करते समय अपने मीठे लंड को खोलकर रखना और हो सके तो लंड का सेक्स पिक। मेल करना क्योंकि मैं इस कहानी को लिखते समय बहुत हॉट हो गई हूँ और मुझे आज फिर प्यास जाग गई है ....इस समय मैं सो कर उठी हूँ और घर में बिल्कुल अकेली हूँ मेरा बहुत मूड हो रहा है, मैंने ब्लैक बॉर्डर की पिंक सिफोन साड़ी और पिंक ब्लोज़ पहना है, ब्लोज़ के नीचे सफेद नेट वाली ब्रा में मेरे बूब्स तन रहे हैं मैं बहुत कैसा महसूस कर रही हूँ, ऐसा फील हो रहा है कि कोई आकर मेरे बॉब्स को निचोड़ दो, नीचे पिंक पेटीकोट के नीचे हल्के पीले रंग की पैंटी पहनी है और इस समय मैंने अपनी साड़ी जांघों तक उठा ली है और पेंटी की स्टेप सरकार एक हाथ से बार-बार अपनी चूत को सहला रही हूँ, और बॉब्स पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ फेर रही हूँ, मेरी चूत के बाल इस समय बड़े हुए हैं 2 महीने से चूत की बचत नहीं की है .... लेकिन बाल जब पेंटी से रगड़ते हैं तो मज़ा भी आता है,,,, काश कोई जवान मर्द इस समय पास होता .... मेरी रिक्वेस्ट है इसी स्टाइल में हॉट मेल करना ,,,,,, हो सकता है मेरी कहानी पढ़कर मेरी कई बहनों को अपनी जवानी के दिन याद आ जाए बहुत सोचे कि उन्हें मौके का फायदा क्यों नहीं उठाया बहुत भी जवाब दे सकती है और अपने एक्सपी। शेयर कर सकती हैं......लेकिन मेरे जवान दोस्तों प्लीज मुझे अपने मेल से गरम कर देना मुझे लड़के से सेक्स की बातें करना और लंड/चूत/भोसड़ा/चुदाई वगैरह सुनना अच्छा लगता है..मैं खुल कर सेक्स का मज़ा लेना चाहती हूँ मुझे सेक्स फेंटेसी बहुत पसंद है.....10 साल पुरानी घटना है मैं आपसे अपना एक एक्सपीरियंस शेयर करती हूँ बात 10 साल पहले की है मेरे नंद का लड़का (अज्जू) जिसकी उम्र 17-18 साल थी एग्जाम देने के लिए हमारे घर आया मेरे पति उन दिनों टूर पर ज्यादा रहते थे इसलिए मुझे सेक्स के लिए परेशान रहती थी घर में सिर्फ दो रूम थे जिस कारण अज्जू से मुझे चिढ़ हो रही थी कि इसकी बजह से मेरे जीवन का आनंद जा रहा है दिन पति रात की ट्रेन से 7 दिन के लिए बाहर जाने वाले थे पति ने बोला बह दोपहर को आ जाएंगे जब अज्जू कॉलेज में रहेगा, फिर प्यार से जम कर सेक्स करेंगे क्योंकि 7 दिन नहीं मिलेगा,,मैं बहुत खुश थी मैंने नहाने से पहले सेव की बहुत सुंदर सेक्सी अंडरगारमेंट्स और सारी पहनी...लेकिन मेरी किस्मत खराब पहले तो पति लेट हो गए हमारी जैसे ही बह आए पीछे से अज्जू भी आ गया मेरा दिमाग खराब हो गया मैं फलतू में अज्जू को दटने लगी पति भी मुझ पर नाराज हो गए कहने लगे जीवन पड़ा है क्यों परेशान हूँ फिर मैं मान मार्कर उनके जाने की तैयारी करने लगी बारिश के दिन थे पानी गिरने लगा पति की ट्रेन 10 बजे रात की थी मैंने जल्दी खाना सब को खिला दिया 9 बजे करीब पति अंडर रसोई में आए मुझे पीछे से पकड़कर चूमा-चाटी करने लगे उनका हत्यारा मैं अपने नितम्बों पर अहसास करके बहुत उत्तेजित हो गई मैंने पति को बताया आज की तैयारी में मैंने क्या-क्या किया पति ने साड़ी के अंडर मेरी पैंटी में हाथ डालकर मेरी चिकनी चूत सहलाई मैंने उनके हत्यारे को हाथों से सहलाया मेरी चूत चुदाई के लिए तैयारी हो गई थी गीली होने लगी... इतने में अज्जू ने आवाज़ दी मामा ट्रेन का समय हो गया चलो फिर अज्जू उन्हें स्कॉटर से छोड़ने स्टेशन चला गया,,,,, मैं हाल में लेटर टीवी देखने लगी में बहुत गरम बुखार के साथ रही थी और मुझे अपनी किस्मत पर भी रोना आ रहा था मैं उगना से भरकर अपनी सर में हाथ डालकर अपनी बुर को सहलाने लगी मेरी चूत में आजीव सी प्यास लगी थी दिमाग में कुछ सोघ नहीं रहा था मैं छोड़ने के लिए बेकरार थी,, इतने में स्कॉटर की आवाज़ आई मैंने अपने कपड़े सही किए दरवाजा खोला अज्जू भींग कर आया था मैंने उसे गुस्से से बोला जल्दी पंच के कपड़े बदल ले बरना तबीयत खराब हो गई तो हमारी ही मुश्किल होगी"बो सहम गया मैं अंदर कमरे में चली गई कमरे का दरवाजा बंद करने आई तो देखा अज्जू अपनी गीली बनियान उतार रहा था उसकी नंगी पीठ देखकर मुझे कुछ अजीब सा एहसास हुआ हमारे हाल में आ गई हमारा कुछ ढूंढने का नाटक करते हुए तीखी नज़र से उसे देखने लगी फिर उसने अपनी पेंट उतारी उसकी अंडरवियर सफेद थी जो गीली होने से अज्जू के शरीर से चिपक गई थी मैंने देखा अज्जू का काला लंड मुड़ा हुआ साफ दिख रहा था बहुत मोटा था जबकी खड़ा नहीं था, और काले-काले बाल भी नज़र आ रहे थे और उसके लंड का गुलाबी सुपाड़ा तो अकडम चमक रहा था,,,बह मुझे भरपूर मर्द का जवान लंड दिख रहा था जिसकी कोई औरत अपनी चूत में डलवाना चाहेगी चाहे बह संतुष्टि क्यों ना हो,,,मेरी हालत जवान लड़के को अपने इतने करीब नंगा देखकर बहुत खराब हो गई और मैंने सपने में भी नहीं सोच सकी कि अज्जू इतना जवान है उसके शरीर को देखकर मैं रिश्ते को भूल गई मैंने सोचा रात को इसका मजा लेना है जो होगा देखा जाएगा फिर अज्जू ने कपड़े पहन लिए,,फिर अज्जू बहन पर लेट गया मैं अपने कमरे में आ गई हमारी मैंने अपनी साड़ी, ब्लोजॉब ब्रा और पेटीकोट उतार कर नाइटी पहन ली,हमारा बाथरूम पीछे आंगन में था रात के करीब 11 बज रहे थे, मैंने अज्जू को आवाज़ दी बह बोला जिमामी मैंने कहा मुझे पीछे पेशाब जाना है देर लग रहा है तू साथ चल मैंने पीछे की लाइट गलाई हमारे बाथरूम के बाहर नाली के पास जेकर अपनी नाइटी उठाई कमर के ऊपर और धीरे से अपनी पैंटी सरकाई ताकि अज्जू में चिकनी तंग और गांड आराम से देख सके हमारी बैठ गई अज्जू मेरे पीछे ही खड़ा था मैंने पीछे देखते हुए बोला जाना मत बह बोला जिमामी फिर मैं अज्जू की मुंह की तरफ होकर खड़ी हुई फिर मैंने अपनी नाइटी कमर से ऊपर उठा कर पैंटी पहनी ताकि अज्जू को मेरी क्लीन चूत दिख जाए हमारी बह भी बहक जाए अज्जू की आँखों में सरम थी लेकिन बह मेरी चूत हमारी नंगी जांघों को चोरी-चोरी देख रहा था लेकिन बह बस पास जाकर सो गया मैं अपने कमरे में आई हमारी सोच अज्जू को आवाज़ देकर अपने पास बुलाओ लेकिन देर लग रहा था कहीं कुछ गलत तो नहीं हो रहा है लेकिन मेरी साँसें तेज़-तेज़ चल रही थीं और मेरी चूत चिल्ला कर कह रही थी कि उसे लंड चाहिए मेरी हालत पागलों जैसी हो गई मैं उठ कर बैठ गई, अज्जू के कमरे की लाइट जल रही थी मैंने धीरे से उठ कर अज्जू के कमरे में झांका बह उल्टा होकर सो रहा था फिर मेरा हाथ अपने आप अपनी चूत पर जा रहा था, समझ नहीं आ रहा था कि कैसे शुरू करूं .....तभी मैंने महसूस किया कि अज्जू कुछ हिल रहा है (जैसे आदमी औरत के ऊपर होकर हिलता है वैसे) मुझे समझते देर नहीं लगी कि बह मेरी नंगी जांघों को हमारी साफ चूत को देखकर उभर गया है और अपना पानी निकालने की तैयारी में है, मैंने समय गबाए बिना अज्जू के कमरे में चली गई ....मैंने देखा अज्जू ने धीरे से अपनी आँख खोल कर मुझे देखा और सोने का नाटक करने लगा.....मैं कुर्सी पर बैठ गई सोचा देखो अब अज्जू हिलता है या नहीं यदि हिलेगा तो उसे खुल कर छोड़ने की बूल दूंगी....लेकिन 10-12 मिनट में साला बिल्कुल नहीं हिला और मेरी हालत खराब हुई जा रही थी...मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं रात के करीब 1 बज गए थे फिर मैंने टीवी पर कर दिया और देखने लगी....तभी अज्जू आँख घिसे हुए उठ के बैठ गया कहने लगा, क्या हुआ मामी, तो क्यों नहीं रह रही हो? मैंने बोला नीड नहीं आ रही। दुख रहा है। अज्जू ने कहा......क्या से दुख रहा है? मैंने कहा नहीं पूरा शरीर दुख रहा है, अज्जू ने कहा तबीयत तो ठीक है, मैंने कहाँ हाँ ....... अज्जू बोला में कुछ मदद करूँ,, मैंने कहा, प्लीज मेरे पर दबा दे, अज्जू ने कहा ठीक है .... फिर अज्जू की बहन पर मैं लेट गई अज्जू मेरे पर दवाने लगा मैंने कहा कहाँ प्लीज थोड़ा ऊपर-ऊपर अज्जू बहन पर बैठ कर मेरी जांघे दवा रहा था मेरी चूत से रश निकल रहा था मुझे अपनी पैंटी गीली-गिली महसूस हो रही थी .. तभी मुझे महसूस हुआ अज्जू मेरी चूत को नाइटी के ऊपर से अज्जू छू कर रहा था हमारी चूत के ऊपर अपनी उंगली चला रहा था मेरी सांस बहुत तेज़-तेज़ चलने लगी..मैंने अपना एक हाथ अज्जू के लंड पर रख दिया उसका लंड 8' का पुरी तरह खड़ा था बहुत मोटा महसूस हो रहा था..तभी अज्जू बोला ""मेरा लंड कैसा लगा"" फिर मैंने कहा मुझे आज यह चाहिए है तभी अज्जू मेरे बाजू में आज्ञा और मेरे सीने को सहला रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था,मैंने अपने एक हाथ से उसका लंड सहलाना चालू रखा और उसकी गांड भी सहला रही थी.. उसकी हिम्मत और बढ़ी और वो मेरे ब्रेस्ट को जोर-जोर से दवाने लगा. मुझे सिरहन होने लगेगी और मैंने करवट बदल के सीधी सो गई तो उसने हाथ हटा लिया और थोड़ी देर बाद वो फिर से मेरे बूब्स सहलाने लगा। फिर वो मेरी नाइटी उतारने लगा या उसने मेरे नंगे बूब्स को चूसने लगा। मैं बहुत ही गरम हो रही थी मैं उठ गई और मैंने उसे कपड़े निकाले को कहा, उसने तुरंत सारे कपड़े निकाल दिए या पूरा नंगा हो गया। मैंने उसके लंड को डेका वो बहुत ही बड़ा था। फिर उसने मेरी पैंटी को निकाल दिया। फिर वो मुझे किस करने लगा और मैं भी उसे बहुत किस करने लगी फिर उसने मुझे बेली पे किस किया। आआआआह मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैं बहुत ही गर्म हो चुकी थी। फिर वो मेरी चूत को चाटने लगा। और मैं अंगड़ाई लेने लगी उफ़्फ़ मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ। फिर मैंने उसे कहाँ प्लीज़ और मत तड़पाओ प्लीज़ मुझे छोड़ो। फिर वो मेरे ऊपर सो गया या उसने उसके लंड को मेरी चूत पे रखा या फिर धक्का मारा तो उसका पूरा लंड एक ही झटके में अंदर चला गया। और मैं ज़ोर से चीख उठी आआआआआआह्ह्ह्ह। फिर वो जोर जोर से मुझे छोड़ देते हैं और मैं भी अपने हिप्स उठा उठा के उसे साथ देने लगी। और आआआआआह आह्ह उह्ह्ह्ह वो जोर जोर से छोड़ने लगा। फिर थोड़ी देर बाद उसने मेरी चूत में गरमा गरम लावा छोड़ दिया, फिर सारी रात हम दोनों एक दूसरे के साथ नंगे चिपक गए। इसके बाद उसका जब भी मान होता तो वो मेरे ब्लाउज को हटा के मेरे निप्पल चूसता रहता लेकिन मुझे पूछे बिना मेरी चूत को नहीं छूटता था। एक दिन में नहा रही थीं तो वो भी बाथरूम में आ गया और मुझसे बाथरूम में ही प्यार की भीख मांगने लगा तो मैं उसे मना नहीं कर पाई। फिर उसने सारे कपड़े निकाल दिए या हम शावर साथ लेने लगे। फिर मैं दीवार का सहारा लेके खड़ी रही या उसने मुझे बहुत टाइट हग किया या मेरे होंठों का जूस पीने लगा या उसने मेरी एक टांग को उठा के फिर मुझे छोड़ने लगा। उसने मुझे एक नए अनुभव का सुख दिया। मैं बहुत खुश हो गई हूँ, मैं अज्जू को बहुत चाहती हूँ। और वो भी मुझे बहुत चाहता है। फिर हमने कई बार सेक्स किया। मैं मेरे पति को भी चाहती हूँ, आपको मेरी यह सच्ची कहानी कैसी लगी, वो आप मुझे मेल करके बताइए, मुझे आपके मेल का इंतज़ार रहेगा, मैं ज़रूर जवाब दूँगी।






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