Thursday, 6 August 2026

दोस्त की बीबी की मारी

 नमस्ते, आप सबको मेरा नमस्कार। मैं आज आप तो मेरी बीवी की कहानी सुनाऊंगा। अनिल और मैं आपस में फास्ट फ्रेंड हैं। उसकी बीबी संगीता इतनी सुंदर तो नहीं है, लेकिन उसकी गांड मोटी है, जब वो चलाती है तो उसकी गांड ऊपर नीचे होती है तो मेरा लैंड ऊपर खड़ा हो जाता है। मुझे वैसे भी गांड मरना ऊंचा लगता है, क्योंकि मेरी बीबी कुसुम गांड नहीं मरवाती, हल्की उसकी गांड का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। अनिल को कुछ कम ही रहता है, इस लिए वो ज्यादा फैक्ट्री में ही रहता है।


एक दिन रविवार की रात को हम अनिल के घर मिलने घाय। आपस में भात करते करते बहुत रात हो गई तो संगीता बोली के मैं चाय लेकर आती हूँ। अनिल सूसू करने बाहर चला गया। संगीता ने अनिल को आवाज़ लगाई कि, अनिल अंदर आकर शुगर का डिब्बा उतार दो। अनिल सूसू करने गया, इस लिया मैंने नीचे चलागया और शुगर का डिब्बा उतारने ने लगाया, वैसे संगीता का पांव फिसल गया और वो एकदम से मेरी बाहों में आकर झूल गई, उसकी छूची पर मेरे दोनों हाथ लग गए और उसकी गांड मेरे लंड से टकरा गई। एक अजीब से हरकत से माने उसकी गांड में अपनी उगाली डाल दी । इस पर वो जो बोली, उस पर मुझे विश्वास नहीं हुआ । वो बोली कि अगर उंगली ही डालनी है तो अच्छी तरह से डालो जो मजा तो आई, इतनी में उसने अपनी सारी ऊंची कर दी और अपनी गांड मारे सामने करती । मैंने भी समय गंवाई उसकी गांड में उंगली और चोट में दूसरी उंगली डाल दे। वो चिल्लाई ।


बाहर आकर हम दोनों चुपचप चाय पीने लगे । करीब दो महीने बाद मेरी कुसुम विंटर ब्रेक में कोटा चली गई और मम्मी उनके आशा राम बापू के आश्रम में चली गई। एक दिन अनिल ने कहा कि यार आज रात तो अंडा-करी की सब्जी खाओगे। मेरी संगीता शाम को एक बार सब्जी बना देगी, तू घर की चाबी संगीता का दे जाना। करीब 4 बजे संगीता मेरे घर आ गई। मैं भी 4.15 बजे पर घर आ गया। मुझे देखकर संगीता मुस्कुराई, मैं समझगायकी आज तू दाल में काला है। संगीता बोली कि अनिल का फ़ोन आया था कि आज काम ज़्यादा है, इस लिया को रात को देर से आएगा और महेश से कहना कि वो हमारा तुम खाना खा लेना।


संगीता के बच्चे भी अपनी नानी के घर चेले गए थे। संगीत बोली की महेश मैनाहकर खाना बनाऊंगी, इस लिया मैंने नहाने के लिए आपका बाथरूम काम में ले रही हूँ। वो बाथरूम में नहाने चली गई, मैंने टीवी पर अपना सीडी प्लेयर लगाकर ब्लू फिल्म देखने लुगाया। थोड़ी देर बाद संगीतनहार बाहर आई तो उसने केवल एक पटला गाउन पहन रखा था, वो बोली कि मुझे गर्मी लग रही है, इसने लिया ये पहना है। गाउन में से उसकी चूची के निप्पल साफ देख रही थी और उसकी चूत तो इतनी क्लीन शेव थी जैसे 18 साल की लड़की, उसकी मोटी गांड का तो कहना ही नहीं था। मैंने संगीता से कहा कि भाभी मैं अलग होकर आती हूँ, और मैं बाथरूम में चला गया। मेरा सीडी प्लेयर चल रहा है।


मैं गबनहार बाहर आया तो संगीता मेरा सीडी प्लेयर देख कर अपनी चूत में उंगली कर रही थी। संगीता बोली कि आप किचन में मेरी हेल्प करवाओ, मैं कहाँ की पहली हम दोनों बिल्कुल नंगे होकर किचन में जाएंगे। संगीता ने अपना गाउन उतार दिया और मैंने भी। इतने में मैंने संगीता को अपनी बाहों में पाकर लिया, वो बोली हाँ आप क्या कर रहे हैं। मेनका की जो करना है। मेरे सिर पर तो उसकी गांड का बहुत सवार था। मैंने वही रसोई में संगीतो को गोरा बना दिया और उसकी गांड को चाटने लगा, संगीता ने हाथ से मेरा लैंड को पकड़कर लिया और बोली कि मैं पहले इसका जूस पिऊंगी। मैंने कहा नहीं पहले मैं तेरी गांड मरूंगा वो बोली नहीं गांड फट जाएगी। मैंने उसकी गांड में बोरोलीन की ट्यूब डालकर पिचका दी, सारी की सारी बोरोलीन उसकी गांड में लग गई, और मैंने अपना 6″ का मोटा लैंड उसकी गांड के मुंह पर लगा दिया। मेरा लैंड देखकर संगीता बोली इतना लंबा / मोटा – लैंड। मैंनेजोर से धक्का मारा और 2″ लैंड उसकी गांड में चल गया, वो चिल्लाई wwwwwwaaaaaa wwww आआ दर्द हो रहा है, मैंनेफिर एक धक्का मारा, इस बार 5″ लैंड उसकी गांड में चल गया। वो संगीता गंदी गंदी गाली बकने लगी, बोली माथेर छोड़, बहन के लोर, तेरी माँ की छुट्टी मारू, मुझे छोड़ दे, या मेरी चूत मार। मेरी गांड तो आज फट ही जाएगी। मैं बोल तेरी गांड मार कर तेरी चूत भी मार दूंगी, लेकिन मां के लोरी ज्यादा लुंडखैगी तो तेरी चूत का बुरता बना दूंगा। मैंने इस बार लैंड को वापस बाहर निकाल कर फिर सरसों का तेल लैंड पर लगाकर एक बार फिर उसकी गांड में घुसा दिया, इस बार पूरा का पूरा लैंड संगीता की गांड में चल गया। और संगीता बोली और जोर से डालो मेरी गांड में। वास्तव में अब मजा आ रहा है। माने आगे की और झुक कर उसकी चूत में अपनी दो उगूंगी डाल दी। इस पराक्रम उसकी गांड में लंड और उसकी चूत में डालूंगी उसको छोड़ता रहा।


10 मिनट बाद संगीता बोली, अब मेरी बारी है मैं तुम्हें खुश करूंगी। उसने मुझे कुर्सी पर बैठाकर मारा लंड को अपने मुँह में दाल के लालीपॉप की तरह छूने लगी, इतना मज़ा मुझे आ रहा था कि मत पूछो।

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