Friday, 31 July 2026

शादी में चूत मारी

 हाय रीडर, बहुत दिनों बाद मैं अपनी स्टोरी लिखने जा रहा हूँ। सोभ से पहले तो मैं अपने पुराने फैंस का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ कि उन लोगों ने मेरी स्टोरीज़ को पसंद किया और रियल में भी मुझे से मिले।


बदलाव के लिए मैं अपनी यह स्टोरी हिंदी में लिखना चाहता हूँ, पहले इंग्लिश में नहीं।


सोभ से पहले तो अपना छोटा सा इंट्रोडक्शन करवा दूँ, मेरा नाम राज है। hydspesial मेरा पेट नेम है, मैं काफी स्पेशल हूँ इसलिए लोग मुझे hydspesial कहते हैं। अगर आपको मेरी सोर्स पसंद है तो आप मेरे मेल पर कमेंट कर सकते हैं 


हाँ तो कुछ दिन पुरानी बात है मेरे दोस्त की शादी थी उस का नेटिव हैदराबाद से कुछ दूर था और शादी वही होने वाली थी उसने मुझे शादी का इनविटेशन दिया और साथ में मैंने कहाँ कि यार शादी से 1 वीक पहले ही आना बहुत से काम निपटाने हैं।


मेरा काफी पुराना दोस्त था इसके लिए मैं तैयार हो गया और उसके गाँव चला गया। बस से उतर ही मैं रिक्शा में बैठ गया और उसके बताए एड्रेस पर चला गया। मैं उसके घर पहुँच गया और दरवाज़े पर ही वो मुझे मिल गया वो मुझे देखकर बहुत खुश हुआ और नीचे आने को कहाँ।


उसका घर काफी बड़ा था डबल स्टोरी बंगला था उसके पिता जी गांव के सरपंच भी थे। मेरा ध्यान एक सुरेली आवाज़ की तरफ पलटा मैंने पलट कर देखा तो एक प्यारी सी 18 साल की लड़की भैया भैया बुला रही थी वह सच में कूल थी हाइट कुछ 5’2 होगा रंग बिल्कुल गोरा भरा बदन छोटे बूब्स थे यही कोई 30 के आस पास पतली कम और प्यारी सी गांड वो पीले रंग की सलवार सूट में थी मेरे दोस्त रवि ने उससे मेरा इंट्रोडक्शन करवाया और कहा राधा मैं अपने दोस्त राज के बारे में मैं तुम्हें बताया करता था ना ये लो वही है मेरी शादी में आया है। उस ने एक मीठी सी मुस्कुराहट से मेरा स्वागत किया और हमारे करीब आते हुए कहने लगी ओहो आप हो राज बाबू भैया आप की बहुत तारीफ करते हैं हर रोज़ आप के बारे में मैं कुछ न कुछ कहते हैं बड़ी खातिर थी आप से मिलने की।


मैंने मुस्कुरा कर कहा अगर हमें पता होता कि आप की यह खातिर है तो हम कब का आपकी कहीश पूरी कर देते और आपके गाँव चले आते लीजिये आज आप की इस खातिर को पूरी कर दिए। वो मुस्कुराने लगी।


रवि ने कहा अरे यार अब इसकी बातें शुरू हो गई तो यही शाम हो जाएगी। ऊपर वाले कमरे में चलो, मैं तुझे तेरा कमरा बताता हूँ आराम से रहना कोई भी प्रॉब्लम हो तो बता देना खूब मस्ती करेंगे।


मैं शरारत भरी नज़रों से राधा को देखा और कहाँ हाँ यार मस्ती तो ज़रूर करेंगे वो शर्मा गई और मुस्कुराकर नीचे देखने लगी।


इतने में कोई बाहर से गाँव वाला आया और कहने लगा रवि बाबू बापू जी बुला रहे हैं कहते हैं कि जल्दी आए, रवि ने राधा को कहाँ ऑफ़ राधा तुम एक काम करो राज को उसका कमरा बताओ दो और नाश्ते का इंतज़ार करो।


मैं और राधा के कमरे में चले गए, उसे कहाँ कहिए, राज साहब ने कैसा लगा कमरा और हमारा गाँव। मैं अपना बैग बिस्तर पर रखते हुए बोला कि काफ़ी दिलचस्प हैं खास टूर पर यहाँ के लोग। मैंने बैग में से तौलिया निकाली और राधा से कहाँ गाँव की गोरियों के बारे में मैंने सुना था लेकिन जानता नहीं था कि गाँव में इतना हुस्न छुपा है आपको देखा तो पता चला वो मुस्कुराने लगी और बोली ऐसी बात नहीं जी।


मैं तौलिया हाथ में लेकर बोला अच्छा राधा जी अगर आप इजाज़त दो तो मैं नहा धो कर तैयार हो जाता हूँ। वो बोली ठीक है जी तब तक मैं आपके लिए नाश्ता लेके आती हूँ।


थोड़ी देर बाद मैं नहाकर बिस्तर पर लेता था और राधा नाश्ता ले आई।


वो झुककर बिस्तर के बाज़ू में नाश्ता लगने लगी, मैं लेता ही था। 


और उसके कुर्ते के गले में से उसकी जवानी झांक रही थी। वाह क्या नज़ारा था गोरे गोरे ब्रेस्ट के आगे दिख रहे थे, उसने मेरी तरफ देखा वो जान गई कि मैं क्या देख रहा हूँ वो थोड़ा और झुकी तो मुझे और भी दिखाने लगा मैं नाश्ता करने लगा वो करीब ही बैठी थी और ढेर सारी बताने लगी उसकी ज़बान कैंची की तरह बस चलती ही जा रही थी और मैं उसके सारे जिस्म का जाएज़ा लेता रहा


उसने कोई ओढ़नी नहीं डाल रखी थी इसलिए उसके बूब्स साफ़ दिख रहे थे कुर्ते के नीचे से। मैं भी उसे शहर के किसी को सुना रहा हूं और चुटकुले बोल रहा हूं, वो काफी हंसमुख लड़की थी। नाश्ता खत्म होने के बाद हम लोग बाहर आ गए अचानक मेरी नज़र किसी पर पढ़ी कोई सफ़ेद सारी मैं जाराही थी हाथ में पूजा का सामान के लिए मैंने उसकी तरफ देखा तो तकरीबां 24 25 साल की औरत थी रंग सांवला तीखे नाक नुकूश काफी सीरियस चेहरा था लेकिन काफी सेक्सी लग रही थी वो थोड़ी बहुत रिया सेन से मिलती झूलती थी राधा ने बताया कि वो उनकी भाभी है जो कि विधवा हैं सोभ से बड़े भाई की बीवी उनका एक 5 साल का बच्चा है वो बहुत कम बोलती है और यही रहती है सारा दिन घर के काम काज और पूजा पात में गुजरती है, वो मेरी तरफ देखने लगी और उसकी बड़ी बड़ी आँखों में मुझे वो चीज़ नज़र आ गई जिसकी मुझे तलाश होती है वो थी उसकी लंबी भूख फिर मेरी नज़र उसकी मतवाली गांड पर पढ़ी वो झूम झूम कर अपने छूटड़ों को लहराती हुई जाराही थी।


थोड़ी देर बाद रवि आ गया और कहाँ यार मुझे ज़रूरी काम से शहर जाना है तुम यहीं रुको मैं जल्दी ही आ जाऊंगा। शाम को राधा मिली और मैंने उस से कहा राधा जी मैं काफी बोर हो गया हूँ तुम्हारा गाँव देखना चाहता हूँ वो बोली ठीक है जी आपको ड्राइविंग आती है मैंने कहा हाँ क्यों नहीं तो वो बोली कि चलो जीप में चलते हैं हमारा गाँव बताती हूँ हम लोग जीभ में बैठ गए और गाँव की सैर करने लगे फिर हम लोग खेतों की तरफ चले गए वह एक कुआँ था हम उसके पास रुक गए और बैठ गए थोड़ी देर में बादल घिर आए और ज़ोर से बारिश होने लगी हम लोग जल्दी से करीब में एक झोपड़ी में चले गए वो झोपड़ी शायद खेत में काम करने लोगों के लिए थी जो कि अभी खाली ही थी


हम दोनों भीग चुके थे वो अपने आप को सुखाने लगी अपनी ओढ़नी को निचोड़ा और बालों को झटके लगी उस ने अभी ब्लैक सलवार सूट पहन रखा था जो कि काफी टाइट था और गीला होने पर उसका जिस्म साफ दिखा रहा था ऐसे लग रहा था कि वो नंगी हो और जिस्म पर ब्लैक पेंट किया हो। मैंने भी अपनी शर्ट निकाली जो कि गीली हो चुकी थी। मैं उसकी तरफ देख रहा था, वो क्या लग रही थी उधर एक दिया जल रहा था, उसकी मध्यम रोशनी में उसका जिस्म और भी सुंदर लग रहा था ऐसे लगता था कि वो कोई अजंता की मूरत हो, मैं उसकी सुंदरता में खो गया और मेरा ….. खड़ा हो गया, मैं धीरे-धीरे उसके करीब बढ़ने लगा और उसके करीब पहनकर रुक गया, वो मेरी तरफ देखने लगी मैंने झट से उसके बालों को अपनी मुट्ठी में पकड़ लिया उसने अपनी आँखें बंद कर लीं, मैं उसके लाल होंठों पर अपने होंठ जमा दिए और ज़ोर से किसकी अब मैं उसे नीचे होंठों को अपने दोनों होते से थोड़ी देर में चुनने लगा वो गरम हो गई और मेरी पीठ पर हाथ फेरने लगी, मैं उसकी पीठ पर हाथ फेरा और अब मैंने अपने हाथ उसकी गांड पर रख दिए और प्रेस करने लगा मेरी जुबान उसकी जुबान से खेल रही थी मेरा दया हाथ उसके स्तन पर था और उसको प्रेस करता रहा फिर मैं उसके कुर्ते के अंदर अपना हाथ डाला और उसके स्तन को पकड़ लिया और दबाने लगा वो और जोश में आ गई 

फिर मैंने उसको अपनी कलाई पर उठा लिया और करीब रखी, घुटनों के बल पर उसको लिटा दिया, मैं उसके चेहरे को किस करता रहा, फिर मैंने उसके गालों को छूने लगा, उसने टाइट आँखें बंद कर लीं, मैं उसके सारे चेहरे को छूने लगा, उसे बहुत मज़ा आ रहा था, फिर मैंने उसका कुर्ता ऊपर उठाया और उसके नारे खोल दिए, उसकी सलवार नीचे की उसने काली पैंटी के नीचे पहन रखी थी, अब उसके कुर्ते को भी निकाल दिया, वो सिर्फ ब्रा और पैंटी पर थी, उसका एक ब्रेस्ट पहले से बाहर निकल चुका था और उसका गुलाबी निप्पल टाइट हो चुका था, मैं दूसरा ब्रेस्ट भी बाहर निकाल दिया और चूसने लगा, अपने हाथ को उसकी पैंटी के अंदर डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा उसने शेव की थी अपनी चूत फिर मैं लेते लेते उसकी पैंटी नकल दी और पीछे से उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिए वो बिल्कुल नंगी थी उसका गोरा बदन बहुत ही दिलकश लग रहा था और मुझे दावत दे रहा था उसने कहा ये किया जी आपने हमने पूरा नंगा देख लिया और खुद जींस मैं हो मैंने कहा मेरी जान ये काम तो तुम्हें खुद ही करना होगा निकालो मेरी जींस। वो बैठ गई और मेरी जींस निकाल दी साथ ही अंडरवियर, वो मेरे लेंड को घूरने लगी फिर मैंने उसके नरम नाज़ुक हाथों को अपने माइटी लेंड पर रख दिया वो उसे दबाने लगी मैंने कहाँ इसे प्यार करो उसने किस किया कि मैंने कहाँ मुँह में लो और चूसो वो चूसने लगी शायद यह उसकी पहली बार था ठीक से चूस नहीं पा रही थी उसके दांत मेरे लेंड को छू रहे थे वे उसे रोक भी नहीं सकते थे कि कहीं वो शर्मिंदा होकर रुक जाए मैंने अपना लेंड बाहर निकाला और उस पर ले गया मैं उसके सारे जिस्म को चाटने लगा मैं उसके पैर से शुरू हुआ पहले पैर को चाटता फिर जांघों को फिर उसकी कमर को फिर उसके पेट को अब उसके प्यारे प्यारे स्तन मेरे मूँह में थे उन्हें ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा फिर उसके निप्पलों को अपने होंठों से चूसने लगा वो मचल रही थी और तड़प रही थी फिर मैं उसके गले को चूसने लगा उसके कान के नीचे चाटने लगा मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रखा वो बिल्कुल गीली हो चुकी थी मैं सोंचा के टाइम हो गया चुदाई स्टार्ट कानरे का फिर मैंने अपना लेंड उसकी चूत के मूँह पर रखा और थोड़ा सा नीचे डाल दिया वो ज़ोर से सिसकी भर और मेरे बालों को ज़ोर से पकड़ लिया उसने टाइट आँखें बंद कर लीं और आहिस्ता से बोली दर्द होता है मैं कहाँ जानू यह मीठा दर्द है जिसकी थोड़ी देर बर्दाश्त कर लो फिर मैं तुम्हें स्वर्ग की सैर करवाता हूँ फिर एक और झटका दिया मेरा आधा लेंड उसकी चोट मैं था मैं आमतौर पर थोड़ा थोड़ा लेंड डाल कर लड़कियों को तड़पाता हूँ उनके चेहरे के रिएक्शन देखकर काफी मज़ा आता है मैं आधा लेंड उसकी चोट मैं डाल कर उसके बूब्स को दबाने लगा उसने आँखें बंद की थीं और मचा रही थी फिर मैंने एक ही झटके में अपना पूरा लेंड उसकी चोट के नीचे डाल दिया और थोड़ी देर तक ऐसे ही रुका में उसको किस करता रहा फिर मैंने स्टॉर्क्स स्टार्ट किए पहले काफी धीरे-धीरे से मारता रहा और फिर थोड़ी देर में मैंने अपनी स्पीड तेज़ करी और ज़ोर ज़ोर से उसे छोड़ना शुरू कर दिया लड़की जब छूटती है तो उनका चेहरा देखने के बाद काबिल होता है अजीब अजीब चेहरे बनती है हर स्ट्रोक पर और उनको पता चले तो शर्मा जाती हैं यह मुझे बहुत अच्छा लगता है वो तड़प रही थी अब उसको थोड़ा सा अच्छा लग रहा था मैंने अपनी स्पीड टॉप गियर पर डाल दी और ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगा। वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी, बाहर बारिश हो रही थी और चुदाई के दौरान मैं उसको दिल भर का छोड़ रहा था उसकी चूत नई नावली थी इस लिए काफी मज़ा आ रहा था फिर मैं थोड़ी देर बाद जहद गया झड़ने से पहले मैंने अपना लेंड बाहर निकाल दिया और अपना पानी नीचे गिराया वो ज़ोर ज़ोर से सांस भर रही थी और मेरे झड़ते लेंड को देख रही थी। फिर मैं उसके बाज़ू में लेट गया, वो मुझे से लिपट गई और बोली आई लव यू, मैं मुस्कुरा कर उसे देखा, मैं किसी लड़की को आई लव यू नहीं बोलता। और पूछा कैसा रहा वो शर्मा कर दोनों हाथ अपने चेहरे पर रख ली मैंने कहा अरे वो कैसी शर्म सिर्फ चेहरा छुपा रखा है और सारा जिस्म नंगा। गंदे उसने कहाँ और कपड़े पहनने लगी बारिश भी थम चुकी थी और मैं भी कपड़े पहन कर दोनों जीभ मैं बैठ गए और वापस घर लौट आए।


वो सीधे अपने कमरे में चली गई वो शर्मीली हुई भागी थी उधर वरंडे में उसकी विधवा भाभी थी जिसने उसको ऊपर भागते हुए देखा फिर मुझे देखा मैंने एक शरारत भरी नज़र से उसकी भाभी को देखा वो अपने सर के पल्लू को बराबर करती चली गई।


रात के खाने पर रवि वापस आ गया था और पूछने लगा कैसा रहा आज का दिन मेरे दोस्त मेरी बहन ने तुम्हें परेशान किया तो नहीं किया मैंने कहाँ अच्छी बची है उसी से पूछो कहीं मैंने ज़्यादा तंग तो नहीं किया वो मुस्कुरा कर खाने की बर्तन में देखने लगी उधर करीब ही उसकी भाभी थी जो सोभ देख रही थी।


मैं खाना खत्म करके चाट पर चला गया औरचट पर चला गया और सिगरेट पीने लगा राधा उधर आई साथ मैं दो तीन छोटे बच्चे थे वो लोग मुझे से बातें करने लगे फिर वो लोग जाने लगे राधा रुकी और बोली रात को दरवाज़ा बंद करके मर जाओ और चली गई। मैं भी नीचे उतर गया बाद मैंने देखा तो उसकी भाभी भी नीचे उतर रही थी शायद वो भी चाट पर ही थी जिसका मुझे पता नहीं था।


रात को तकरीबां डेढ़ बजे दरवाजे पर आवाज़ आई मैंने दरवाजा खोला तो राधा थी, वो जल्दी से नीचे आई उसने हल्के नीले रंग की नाइट गाउन पहन रखी थी और जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया लाइट बुझा दी मैंने जान बुझा कर नाइट बल्ब जलाया और उसको लेके पलंग पर कूद पढ़ा वो काफी जोश में थी और मुझे किस करने लगी। बिस्तर के एक तरफ मैं ड्रेसिंग टेबल पर था और दूसरी तरफ मैं खिड़की, मैंने ड्रेसिंग टेबल के शीशे में देखा, खिड़की में कोई दिखा रहा था, वो उसकी भाभी गीता थी, वो खिड़की, मैं से झांक रही थी, मैं समझ गया, वो हमारी लाइव ब्लू फिल्म देखना चाहती है, मुझे और जोश आया और मैं पूरे जोश से राधा पर कूद पड़ा, और उसको नंगा कर दिया, मैंने अपनी लुंगी खोल दी और जान बुझाकर अपना लेंड थोड़ी देर के लिए हाथ में थाम कर रखा, गीता उसे देख सके, फिर राधा ने मेरे लेंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी, मैं ड्रेसिंग टेबल के शीशे में गीता को देखा, वो हमने चुप कर देखा रही थी फिर मैं राधा पर दांत पढ़ा और ज़ोर ज़ोर से उसकी चुदाई की काफ़ी देर तक हम लोग सेक्स के समंदर में टूटे रहे और मैं जान बुझा कर ऐसे एंगल से उसे छोड़ता रहा कि गीता आसानी से हमें देख पाए।


चुदाई खत्म होने के बाद मैं खिड़की की तरफ मुड़ा और गीता को आँख मारी वो झट से भाग गई फिर राधा भी जल्दी जल्दी अपने कपड़े पहनकर कमरे से बाहर चली गई।


आप दोस्तों यह था पहला पार्ट दूसरा पार्ट भी जल्दी ही लिखूंगा आप लोग बताएं पहला पार्ट कैसा लगा दूसरे पार्ट मैं बताऊंगा मैंने राधा के साथ और कैसे कैसे एन्जॉय किया और पूजा गीता की वासना को कैसे बुझाया मुझे अपने कमेंट्स मेल कीजिए मेरे

फैंस के जवाब का इंतजार है थैंक्यू

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